ऑफ सीजन में भी ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में टिकट निरीक्षकों की भरपूर कमाई

ऑफ सीजन में भी ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में टिकट निरीक्षकों की भरपूर कमाई

Sanjeev Kumar Singh | Updated: 26 Jul 2019, 10:57:23 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

स्लीपर कोच में जनरल टिकट या बिना टिकट मिले दो सौ से अधिक यात्री

सूरत.

सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस ऑफ सीजन में भी टिकट निरीक्षकों के लिए सबसे अधिक कमाई वाली ट्रेन साबित हो रही है। मुम्बई से आए वाणिज्य अधिकारी के साथ टिकट चेकिंग स्क्वॉयड ने बुधवार को ताप्ती लाइन पर विभिन्न ट्रेनों की जांच की। ताप्ती गंगा एक्सप्रेस मेें बिना टिकट या जनरल टिकट लेकर स्लीपर क्लास में यात्रा करते हुए दो सौ से अधिक यात्री पकड़े गए।

 

सूरत समेत दक्षिण गुजरात में उत्तरप्रदेश और बिहार के प्रवासी लोगों की संख्या अधिक है। 19045 सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस और 22947 सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में बारह महीने भीड़ रहती है। सूरत समेत दक्षिण गुजरात के अलग-अलग शहरों तथा जीआइडीसी में काम करने वाले लोग इसी ट्रेन से गांव जाने-आने के लिए सफर करते हैं। दोनों ट्रेनों में ग्रीष्मावकाश और दीपावली की छुट्टियों के दौरान 120 दिन पहले ओपनिंग शुरू होते ही सीटें फुल हो जाती हंै।

 

सीजन में एक कोच में ढाई सौ से तीन सौ यात्री भेड़-बकरियों की तरह इनमें सफर करने के लिए मजबूर होते हैं। ऑफ सीजन में भी इन ट्रेनों में भीड़ रहती है। सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में 26 जुलाई को 150, 28 जुलाई को 56 और सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में 27 जुलाई को 48 वेटिंग है। इन दोनों ट्रेनों में जनरल टिकट लेकर स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी अधिक होती है।

 

मुम्बई से आए वाणिज्य अधिकारी ने बुधवार को ताप्ती लाइन पर रेड की कार्रवाई की। सूरत स्टेशन से टिकट चेकिंग स्क्वॉयड के साथ अधिकारी ने ताप्ती गंगा एक्सप्रेस समेत अलग-अलग ट्रेनों की जांच की। ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में बिना टिकट या जनरल टिकट लेकर स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने वाले दो सौ से अधिक यात्री पकड़े गए। उनसे एक लाख चार हजार 680 रुपए जुर्माना वसूल किया गया।

 

इसके अलावा सूरत-भुसावल पैसेंजर से 52 यात्री पकड़े गए, जिनसे तेरह हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। हिसार-बान्द्रा एक्सप्रेस में 24 यात्री पकड़े गए। उनसे 12 हजार 950 रुपए जुर्माना वसूला गया। रेल अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को रेड में 339 यात्रियों से एक लाख 51 हजार 400 रुपए जुर्माना वसूल किया गया।


बिल नहीं देने पर यात्री को सामान फ्री

सूरत स्टेशन के सभी स्टॉल पर नो बिल, नो पेमेंट अभियान चलाया जा रहा है। मुम्बई डिवीजन के एसीएम ने बुधवार को सूरत स्टेशन के अलग-अलग स्टॉलों पर जांच अभियान चलाया। आधा दर्जन स्टॉल संचालक सामान बेचने के बाद बिल नहीं देने के मामले में पकड़े गए।

बिल नहीं देने पर स्टॉल संचालकों से यात्रियों को खाद्य सामग्री के रुपए रिटर्न करवा दिए गए। एम. एल. गुप्ता स्टॉल से ढाई हजार, रवि भारद्वाज से दो हजार, मसूद अहमद स्टॉल से दो हजार, महेशचन्द्र एंड कंपनी ट्रॉली नं. 33 से 500 रुपए, गौरीशंकर एंड कंपनी ट्रॉली से एक हजार तथा गौरीशंकर एंड कंपनी टी स्टॉल से एक हजार रुपए रिटर्न दिलवाए गए।


डस्टबीन पर ढक्कन नहीं होने पर जुर्माना

सूरत स्टेशन पर गुरुवार को जेएमएफसी कोर्ट के न्यायाधीश अरुण सोनी के साथ मजस्ट्रिेट स्क्वॉयड ने प्लेटफॉर्म संख्या एक, दो-तीन तथा चार पर स्टॉल की जांच की। कुछ स्टॉल के बाहर रखे गए डस्टबीन पर ढक्कन नहीं था। इसको लेकर स्क्वॉयड ने चार-पांच स्टॉल पर पांच-पांच सौ रुपए का जुर्माना लगाया।

इसके अलावा मेन गेट के पास चाय तथा पान-मावा की दुकानें दिखाई देने पर न्यायाधीश सोनी ने रेलवे पुलिस निरीक्षक को शुक्रवार को कोर्ट में तलब किया है। स्क्वॉयड ने शाम को मुम्बई-अहमदाबाद कर्णावती एक्सप्रेस में भी जांच अभियान चलाया। इसमें करीब पचास हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया गया।

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