ट्रोमा सेंटर में भी आग बुझाने के साधन हैं एक्सपायरी डेट वाले

ट्रोमा सेंटर में भी आग बुझाने के साधन हैं एक्सपायरी डेट वाले

Sanjeev Kumar Singh | Publish: May, 20 2019 09:22:20 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

न्यू सिविल अस्पताल में अग्निशमन यंत्रों की उचित व्यवस्था नहीं होना खतरे की घंटी

सूरत.

न्यू सिविल अस्पताल बिल्डिंग के अलावा ट्रोमा सेंटर में आग पर काबू पाने के इंतजाम नाकाफी हैं। अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में आग बुझाने के अग्निशमन यंत्र आउट डेटेड हैं। राजस्थान पत्रिका ने 16 मई को इस पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। अब ट्रोमा सेंटर में लगे अग्निशमन यंत्र भी आउट डेटेड होने की जानकारी सामने आई है।

 

दक्षिण गुजरात के सबसे बड़े सरकारी न्यू सिविल अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में हमेशा एक हजार से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। अहमदाबाद के चिल्ड्रन अस्पताल में कुछ दिन पहले आग लगने की घटना के बाद सूरत दमकल विभाग ने शहर के अस्पतालों, शॉपिंग मॉल, मार्केट में आग बुझाने के साधनों की जांच के लिए अभियान चला रखा है। न्यू सिविल अस्पताल इस अभियान से अछूता है।

 

राजस्थान पत्रिका ने 16 मई को न्यू सिविल अस्पताल में आग बुझाने के साधनों का टोटा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, लेकिन अब तक अस्पताल प्रशासन की ओर से आउट डेटेड सिलेंडर को रिफिल करवाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। राजस्थान पत्रिका ने रविवार को अस्पताल की नाक कहे जाने वाले ट्रोमा सेंटर में आग बुझाने वाले यंत्रों की जांच की। ट्रोमा सेंटर में प्रवेश करने के साथ मेन गेट के आसपास दो अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। इसके अलावा तीन सिलेंडर ऑब्जर्वेशन रूम के अंदर तीन दीवारों पर लगे हैं। इन सभी सिलेंडरों की समय अवधि एक महीने पहले ही खत्म हो चुकी है।

 

ट्रोमा सेंटर में लगे अग्निशमन यंत्र पर रिफिल करने की तारीख 11 अप्रेल, 2018 तथा 10 अप्रेल, 2019 को अवधि समाप्ति का स्टीकर लगा है। अब तक अस्पताल प्रशासन द्वारा इसे रिफिल करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। आरएमओ डॉ. केतन नायक ने बताया कि सभी अग्निशमन यंत्रों को रिफिल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्दी ही सभी सिलेंडरों को रिफिल करने का कार्य किया जाएगा।

 


आग बुझाने के निर्देशों की अवहेलना

राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर निजी तथा सरकारी अस्पतालों में आग बुझाने के लिए लगाए जाने वाले आधुनिक साधनों की गाइड लाइन तैयार की जाती है। अंतिम बार स्वास्थ्य विभाग ने 2016 में नई गाइड लाइन तैयार की थी। इससे पहले वर्ष 2011 में गाइड लाइन तैयार हुई थी। न्यू सिविल अस्पताल में फिलहाल वर्ष 2011 में तैयार गाइड लाइन के मुताबिक ही आग बुझाने की व्यवस्था है। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2016 की गाइड लाइन में बेहतर सुविधा और नए आधुनिक उपकरण विशेष रूप से रखने के निर्देश दिए गए थे। उस गाइड लाइन पर अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है।

 

नोटिस के बाद भी सुधार नहीं

न्यू सिविल अस्पताल को लगातार तीन साल से नोटिस भेज रहे हैं, लेकिन आग बुझाने के साधनों को ठीक करने या नोटिस का जवाब नहीं मिला है। मेडिकल कॉलेज डीन तथा अस्पताल अधीक्षक को भी सूचना दी गई है। बार-बार टीम भेजने से भी उनकी ओर से कोई सुधार नहीं होता। पिछले एक सप्ताह में चालीस निजी अस्पतालों को नोटिस दिया गया है। शहर में जांच अभियान जारी है।

बसंत पारीख, चीफ फायर ऑफिसर, दमकल विभाग

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