सूदखोरों से त्रस्त बिल्डर ने की जान देने की कोशिश

Mukesh Sharma

Publish: Oct, 13 2017 09:06:43 PM (IST)

Surat, Gujarat, India
सूदखोरों से त्रस्त बिल्डर ने की जान देने की कोशिश

उधना क्षेत्र में एक बिल्डर ने गुरुवार को नींद की अधिक गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसे न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है। बताया जा रहा ह

सूरत। उधना क्षेत्र में एक बिल्डर ने गुरुवार को नींद की अधिक गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसे न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है। बताया जा रहा है कि उसने सूदखोरों की प्रताडऩा से त्रस्त होकर यह कदम उठाया।

उधनागाम महादेव फलिया निवासी अजय प्रवीण वशी (45) बड़े भाई भरत वशी के साथ कंट्रक्शन का व्यवसाय करता है। पांडेसरा दक्षेश्वर मंदिर के पास उसका ऑफिस है। गुरुवार को उसने एक साथ नींद की 20 गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की। परिजन उसे न्यू सिविल अस्पताल ले आए। उसे भर्ती कर लिया गया। अजय ने बताया कि उसने दो जनों से ब्याज पर 50 और 20 लाख रुपए लिए थे। ब्याज समेत रुपए चुका दिए जाने के बाद भी वह उसे वसूली के लिए प्रताडि़त कर रहे थे। इसी से त्रस्त होकर उसने आत्महत्या का फैसला किया था।

केन्द्रीय मंत्री मेघवाल को सौंपा ज्ञापन


राजस्थान मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा गुरुवार को दमण आए केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को ज्ञापन देकर वापी स्टेशन पर कई ट्रेनों के ठहराव की मांग की। मंडल के प्रमुख रामेश्वर सैनी समेत अन्य सदस्यों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री से भेंट कर बताया कि वलसाड जिले एवं दमण तथा दानह में बड़ी संख्या में राजस्थान के लोग रहते हैं। इन्हें गांव जाने के लिए यहां पर्याप्त ट्रेन सुविधा नहीं है। इसे देखते हुए चंडीगढ़-बांद्रा, मुंबई-जयपुर, गरीब रथ और सूर्यनगरी एक्सप्रेस के वापी स्टेशन पर ठहराव की मांग लंबे समय से हो रही है।

मंडल के सदस्यों के अनुसार मेघवाल ने इस संबंध में रेलमंत्री से मिलने का आश्वासन दिया। इस मौके पर दमण-दीव सांसद लालू पटेल, मंडल के गुलाब भाटी, विजेन्द्र, गोरधन सिंह, मालाराम जाट, सुधीर चौमाल एवं अन्य लोग मौजूद थे।

 

राजस्थान मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा गुरुवार को दमण आए केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को ज्ञापन देकर वापी स्टेशन पर कई ट्रेनों के ठहराव की मांग की। मंडल के प्रमुख रामेश्वर सैनी समेत अन्य सदस्यों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री से भेंट कर बताया कि वलसाड जिले एवं दमण तथा दानह में बड़ी संख्या में राजस्थान के लोग रहते हैं। इन्हें गांव जाने के लिए यहां पर्याप्त ट्रेन सुविधा नहीं है।

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