आरटीओ लूट प्रकरण में और दो आरोपी गिरफ्तार

Mukesh Sharma

Publish: Oct, 13 2017 09:45:18 PM (IST)

Surat, Gujarat, India
आरटीओ लूट प्रकरण में और दो आरोपी गिरफ्तार

तीन अक्टूबर को भिलाड़ आरटीओ के रुपए लूटने में शामिल और दो आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्ता

वापी/वलसाड।तीन अक्टूबर को भिलाड़ आरटीओ के रुपए लूटने में शामिल और दो आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 78 लाख रुपए बरामद कर लिए थे।

पुलिस के अनुसार आरटीओ चेकपोस्ट के कर्मचारियों से 1.14 करोड़ रुपए लूट मामले में सोमवार को पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के लिए पुलिस ने तीनों को 16 अक्टूबर तक रिमांड पर लिया था। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद छीरी पुलिया के पास बालाजी कॉम्प्लेक्स निवासी सगीर अहमद उर्फ मेजर उर्फ डुंडो अजीज अहमद अंसारी और उसके ***** साबिर नसरुल्ला शेख का नाम सामने आया था।

पुलिस ने बताया कि लूटने के बाद रकम सगीर अहमद के पास छोडक़र बदमाश फरार हो गए थे। वहीं, सगीर को हार्ट अटैक आने के कारण तीन बदमाश सोमवार को मुंबई से रुपए लेने आए और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सगीर के अस्पताल में होने के कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था, लेकिन गुरुवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसके ***** की भूमिका को देखते हुए उसे भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ रहे हैं और उन्हें पकडऩे का प्रयास जारी है। पुलिस ने इस वारदात में प्रयुक्त मोपेड को भी जब्त किया है।

आदिवासियों ने निकाली न्याय रैली


आदिवासी अधिकार एवं न्याय के लिए आदिवासी विकास संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकाली। सवेरे विभिन्न पंचायतों से युवकों की भीड़ टोकरखाड़ा आदिवासी भवन में जमा गई। हजारों की संख्या में आदिवासी एकत्रित होकर गोडसे कॉर्नर, जैन स्वीट, किलवणी नाका, झंडा चौक होते हुए पुलिस मुख्यालय पहुंचे। पहले आदिवासी भवन पर एकत्र होकर कुछ लोगों द्वारा आदिवासियों पर किए जा रहे अत्याचार एवं अन्याय के विरूद्ध जमकर आक्रोश जताया। यहां से रैली निकालकर आदिवासी नेताओं ने शिकायतों का ज्ञापन पुलिस अध्ीक्षक शरद भास्कर दराड़े को सौंपा। सवेरे 10 बजे गांवों से आए आदिवासी टोकरखाड़ा आदिवासी भवन में एकत्र हो गए। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। इसके बाद शहर में रैली निकालकर आक्रोश जताया। रैली के दौरान युवाओं ने आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में नारे लगाए।

जमीन दलाल, असामाजिक तत्वों द्वारा आदिवासियों पर अत्याचार, सार्वजनिक स्थलों पर गरीब आदिवासियों की पिटाई, फिरौती, फर्जी दस्तावेजों से आदिवासियों की जमीन पर कब्जा जैसे मामलों पर जमकर आक्रोश जताया। रैली का नेतृत्व पूर्व सांसद मोहनभाई डेलकर, जिला पंचायत प्रमुख रमण काकवा, उपप्रमुख महेश गावित सहित आदिवासी विकास संगठन के नेताओं ने किया। झंडा चौक पर आयोजित सभा में डेलकर ने कहा कि संविधान में आदिवासियों के अधिकार एवं सुरक्षा के लिए विशेष कानून हैं। आदिवासी प्रकृति के सर्वाधिक नजदीक होते हैं, वे मेहनत एवं परिश्रम मेंं विश्वास करते हैं।


उनके साथ अत्याचार एवं अन्याय कदापि बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पुलिस एव प्रशासन को आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों को गंभीरता से लेना होगा। हाल में नरोली के उपसरंपच निलेश सोलंकी ने खारड़पाड़ा उपसरंपच के साथ मारपीट की है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पार्टी में ऐसे नेताओं के कारण प्रदेश में भय का माहौल बनता जा रहा है। बाद में उन्होंने एसपी से मिलकर आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने एवं दोषियों को कड़ी सजा देने का आग्रह किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि संसद में चुने हुए प्रतिनिधि भी स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। एसपी ने दोषियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

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