extortion : वेतन नहीं बढ़ाया और जरुरत में मदद नहीं की तो कपड़ा व्यापारी से 'डी' कंपनी के नाम मांगी दो करोड़ की रंगदारी

- डराने के लिए पार्सल में पिस्तौल, कारतूस, फोटो व पत्र भेजा था

- कर्मचारी समेत दो जनों को क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

 

By: Dinesh M Trivedi

Published: 24 Jul 2021, 10:43 AM IST

सूरत. रिंग रोड स्थित शिव शक्ति मार्केट के एक व्यापारी को पार्सल में पिस्तौल, कारतूस भेजकर 'डी' कंपनी के नाम पर उसी की दुकान के एक कर्मचारी समेत दो जनों के दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया हैं। कर्मचारी व्यापारी द्वारा वेतन नहीं बढ़ाने और जरूरत के समय मदद नहीं करने के कारण आहत था और व्यापारी सबक सिखाने के लिए उसने डी कंपनी के नाम से धमकी देने की साजिश रची थी। क्राइम ब्रांच ने कर्मचारी व उसके मित्र को गिरफ्तार किया है।

शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने बताया कि शिवशक्ति मार्केट में कपड़े का कारोबार करने वाले व्यापारी लोकेश संघवी की दुकान पर गुरुवार दोपहर एक किशोर पार्सल लेकर आया था। वह इन्दर भाई का पार्सल होने की बात बताकर पार्सल दुकान पर छोड़ गया था। बाद में जब पीडि़त ने पार्सल खोला तो उसमें एक पिस्तौल, चार कारतूस, व्यापारी के घर और फॉर्म हाउस समेत चौदह अलग -अलग फोटोग्राफ्स थे।

पार्सल में अंग्रेजी में लिखे दो पत्र भी थे। जिसमें डी कंपनी के नाम से धमकी देते हुए 24 घंटों के भीतर दो करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। रुपए नहीं देने पर परिवार के किसी भी सदस्य को गोली से उड़ा देने की धमकी दी गई थी। रुपए पहुंचाने के लिए फोन कर जगह बताने की बात लिखी गई थी। यह देख व्यापारी के होश फाख्ता हो गए। पीडि़त व्यापारी ने तुंरत पुलिस से संपर्क किया।

सीसीटीवी फुटेज से शुरू की जांच :

मामले की गंभीरता को देखते हुए आलाधिकारियों के साथ सलाबतपुरा पुलिस के साथ एसओजी व क्राइम ब्रांच की टीमें भी गुप्त रूप से मामले की पड़ताल शुरू कर दी और व्यापारी के घर पर भी सुरक्षा के इंतजाम कर दिए। प्राथमिक पड़ताल में पुलिस को व्यापारी की दुकान पर पार्सल देने के लिए आए किशोर के फुटेज निकाले। फिर तकनीकी सर्वेलंस व ह्युमन इंटेलिजेंस की मदद लेकर गोडादरा आसपासनगर निवासी सागर महाजन (21) व उसके साथी किरण महाजन (21) को हिरासत में लिया।

सागर पिछले आठ वर्षो से पीडि़त व्यापारी के यहां पैकिंग का काम करता था, लेकिन व्यापारी उसे दस हजार रुपए वेतन दे रहा था। उसका वेतन नही बढ़ा रहा था। जबकि नए कर्मचारियों को साढ़े नौ हजार रुपए तक वेतन दिया जा रहा था। इस वजह से वह आहत था। दो माह पूर्व संजय नगर निवासी सागर के मित्र सुरेश की मौत होने पर उसने अंत्येष्टी में जाने के लिए व्यापारी से दस हजार रुपए मांगे थे। लेकिन व्यापारी ने उसे कहा था कि तेरे जाने से तेरा मित्र जिंदा नहीं होगा।

परिचित से खरीदी पिस्तौल, यू ट्युब और गूगल ट्रांसलेट की ली मदद :

इस बात से उसे ठेस लगी और व्यापारी से बदला लेने के लिए उसने डी कंपनी के नाम से रंगदारी वसूलने की साजिश रची। दो माह पूर्व उसने किसी परिचित से सत्रह हजार रुपए में कारतूस व पिस्तौल खरीदी। फिर दुकान से छुट्टी के दिन व्यापारी के घर और फॉर्म हाउस पर जाकर फोटोग्राफ खींचे। डी कंपनी के फायरिंग के कुछ फोटोग्राफ इंटरनेट से डाउनलोड़ किए।

लिम्बायत के संजयनगर इलाके में एक स्टूडियो से उन फोटोग्राफ के प्रिंट निकलवाए। फिर हिन्दी में बोलकर गूगल ट्रांसलेट की मदद से अंग्रेजी में धमकी भरे दो पत्र तैयार किए। पिस्तौल, फोटोग्राफ व पत्रों का एक पार्सल बनाया और अपने घर के बगल में रहने वाले एक किशोर को साथ लेकर व्यापारी की दुकान पर भेजा था। इस काम में उसके साथी किरण ने उसकी मदद की थी।
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Dinesh M Trivedi Reporting
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