मौत से दो इंच की दूरी : सिर के पास से गुजरा था डम्पर का पहिया

- सूरत में कीम चौकड़ी पर थक कर सोये 15 श्रमिकों को मौत ने फिर जागने नहीं दिया...

- मोबाइल टॉर्च जलाकर देखा तो बिस्तर पर गिली मिट्टी लगी थी, पास में सोया युवक मर चुका था

By: Sanjeev Kumar Singh

Updated: 20 Jan 2021, 09:52 PM IST

सूरत.

जिले के कीम क्षेत्र में मांडवी रोड पर हुए दर्दनाक हादसे में काल बन कर आए डम्पर ने फु टपाथ पर सो रहे 20 से ज्यादा श्रमिकों को कुचल दिया जिसमें 15 जनों की मौत और चार घायल हैं। जबकि डम्पर चालक और क्लिनर भी स्मीमेर अस्पताल में भर्ती हैं। घटनास्थल पर श्रमिकों के साथ सो रहे एक श्रमिक ने बताया कि दो इंच की दूरी से डम्पर का पहिया गुजरा था। ऊपर वाले की मेहरबानी है कि मैं और उसके पास सो रहे दो जने बच गए।

कीम और मांडवी रोड पर सोमवार देर रात एक डम्पर चालक ने गन्ने से लदे एक ट्रैक्टर को टक्कर मारने के बाद स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया और सड़क से काफी दूर बने नाले के फुटपाथ पर सो रहे श्रमिक परिवारों को चपेट में लिया। डम्पर श्रमिक परिवारों को कुचलते हुए सीधे दुकानों में घुस गया। रात में दुकानों में कोई नहीं था, वरना इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था।

मौत से दो इंच की दूरी : सिर के पास से गुजरा था डम्पर का पहिया

दिल दहला देने वालेहादसे में श्रमिक परिवारों के साथ रहने वाला रमणलाल राणा बाल-बाल बच गया। उसने राजस्थान पत्रिका को बताया कि मैं भी सोया था कि अचानक डम्पर कहां से आया पता नहीं। मेरे आगे का एक श्रमिक मर सा गया था, लेकिन सांस ले रहा था। डम्पर के दुकान से टकराने की जोरदार आवाज आई जिससे उसकी नींद खुली तोमैंने देखा कि मेरे बिस्तर पर भी गिली मिट्टी लगी है। मैंने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई और देखा कि डम्पर का पहिया उसके सिर से दो इंज की दूरी से ही गुजरा था। आगे देखा तो डम्पर दुक ान में घुसा हुआ था। नजदीक की एक लोहे की जाली भी चिपक गई थी। फिर मैंने नजदीक में सो रहे लोगों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वो उठे ही नहीं। उनकी मौत हो चुकी थी और मुंह से रक्त बह रहा था। पहले तो समझ में नहीं आया, आगे बढ़ा और लोगों को देखा तब पता चला कि आखिर हुआ क्या है। रामलाल ने कह रहा था कि दो इंच की दूरी से मौत गुजरी और मैं बाल-बाल बच गया...। रामलाल के साथ फुटपाथ पर सोने वाले कुशलगढ़ तहसील में अलग-अलग गांवों के निवासी थे। वे सभी कीम में राजमिस्त्री का कार्य और निर्माणाधीन साइट पर मजदूरी करते थे। हादसे के बाद सूरत रेंज के आइजी एस. पी. राजकुमार भी मौके पर पहुंचे और हादसे वाली जगह तथा स्मीमेर अस्पताल में घायलों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।

ड्राइवर- क्लिनर दो घंटे फंसे रहे डम्पर में

कीम चार रास्ता के पहले डम्पर चालक पूनालाल रामलखन केवट (25) और क्लिनर सुदामा रामजी यादव (24) ने एक ढाबे पर खाना खाया था। फिर वे डम्पर लेकर अरेठ मिट्टी भरने के लिए जाने के लिए रवाना हुए थे। हादसे में डम्पर का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ। इसमें ड्राइवर पूनालाल स्टेयरिंग के नीचे तथा दूसरी साइड में क्लिनर सुदामा सीटों के बीच फंस गया। राहत कार्य शुरू होने पर दो घंटे के बाद पुलिस ने उन्हें निकाला। क्रेन से आगे के हिस्से को उठाकर कटर से काटने के बाद निकाला गया।

घायल श्रमिक को पत्नी की मौत की खबर बताने से रोका

हादसे में राजस्थान बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील निवासी मनीष कल्ला महिड़ा (24) को स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी पत् नी अनिता की मौके पर ही मौत हो गई थी। चिकित्सकों ने मनीष के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसके साथ वाले लोगों को अनिता के मौत की खबर नहीं देने को कहा था। मनीष को दो बच्चे हैं, जो रतलाम जिले की बाजना तहसील के गांव में रहते हैं। इसी हादसे में कमलेश भुरजी महिड़ा (20) और पिंकी कमलेश महिड़ा भी घायल हुए।

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Sanjeev Kumar Singh Reporting
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