ये नए मिजाज का मंजर है, जरा फासले से मिला करो

महापौर और आयुक्त ने जारी की अपील, बाहर दो मीटर और घर में रखें एक मीटर का फासला

By: विनीत शर्मा

Published: 25 Mar 2020, 09:52 PM IST

सूरत. बशीर बद्र का एक शेर 'ये नए मिजाज का शहर है, जरा फासले से मिला करो...' इन दिनों के हालात पर सटीक बैठ रहा है। मामूली फेरबदल के साथ इसे पढ़ें तो गलत नहीं होगा। महापौर डॉ. जगदीश पटेल और मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणि की अपील के बाद यह शेर कुछ इसी अंदाज में पढ़ा जा रहा है। महापौर और आयुक्त ने एक संयुक्क्त अपील जारी कर लोगों से आपस में फासला बनाकर रखने की सलाह दी है।

कोरोना इफेक्ट लोगों की रोजमर्रा की जीवनशैली पर भारी पड़ रहा है। हाइ डेंसिटी वाले सूरत शहर में जहां जगह के मुकाबले आबादी का घनत्व अधिक है, लोगों को फासला बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। फासला बनाने की इस सलाह पर घर से बाहर ही नहीं घर मेंं रहकर भी अमल करने की जरूरत पर बल दिया जा रहा है । कोरोना महामारी से बचाव ही उपचार है। इसे मूल मंत्र बताते हुए महापौर और मनपा आयुक्त ने मंगलवार को एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से आपस में फासला बनाकर रखने की जरूरत बताई है।

इसके मुताबिक सब्जी, किराना और दूसरी अन्य जरूरतों के लिए जब भी घरों से बाहर निकलें तो दूसरे लोगों से दो मीटर का फासला बनाएं। लोगों से इतनी दूरी बनाकर रखेंगे तो कोरोना वायरस की चपेट में आने की प्रतिशतता न्यूनतम रहेगी। साथ ही जब घर आएं तो अन्य जरूरी एहतियात के साथ ही परिवारीजनों के बीच भी फासला बनाए रखें। यह दूरी कम से कम एक मीटर की होनी चाहिए। इस दूरी का मकसद यह है कि यदि गलती से भी कोरोना का कोई असर साथ्ज्ञ आया भी हो तो वह परिवार में अन्य लोगों को प्रभावित न करे। जानकारों के मुताबिक हालांकि इसके लक्षण सामने आने में सात से १४ दिन तक का समय लग जाता है।

विनीत शर्मा Reporting
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