murder : महिला मित्र को लेकर विवाद होने पर दो सुरक्षाकर्मियों में खूनी खेल - एक की मौत, दूसरा जख्मी, दस साल से थी दोनों में दोस्ती

# भुज स्पेशल जेल से पेरोल जम्प कर भागे कैदी को एसओजी ने लिम्बायत से पकड़ा

- हत्या के मामले में मिली थी आजीवन कैद की सजा

# 22 लाखे के गांजे तस्करी व बिक्री के मामले में वांछित गिरफ्तार

- गांजे की खेप पकड़ी जाने पर ओडिसा भाग गया था

By: Dinesh M Trivedi

Published: 11 May 2021, 11:23 AM IST

सूरत. सिटीलाइट स्थित महाराजा आर्केड में रविवार देर रात खाना खाते समय दो सुरक्षाकर्मियों क बीच महिला मित्र की बात को लेकर विवाद हो गया और दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे हुए हो गए। दोनों ने एक दूसरे पर लोहे के सरिए और चाकू से हमला किया। जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। मौके पर पहुंची उमरा पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की छानबिन शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के मूल निवासी और सिटीलाइट स्थित महाराजा आर्केड में बतौर सुरक्षाकर्मी काम करने वाले बिरजू ठाकुर ने उत्तरप्रदेश के मूलनिवासी और निकट के नव मंगल कॉम्प्लेक्स में सुरक्षाकर्मी का काम करने वाले अनिल यादव की हत्या कर दी। दोनों में पिछले करीब दस वर्षो से मित्रता थी। रविवार रात वे अपने तीसरे मित्र उमेश के साथ महाराजा आर्केड के सिक्युरिटी ऑफिस में साथ खाना खाने के लिए एकत्र हुए थे।

रात ग्यारह बजे खाना खाने के दौरान अनिल ने बिरजू की महिला मित्र की बात छेड़ी। बिरजू ने इस पर आपत्ती जताते हुए चुप रहने के लिए कहा। लेकिन मजाक मस्ती में अनिल ने उसे छेडऩा जारी रखा। इस पर बिरजू भडक़ गया। उसने अनिल को अपने ऑफिस से बाहर निकाल दिया। अनिल पार्किंग में आकर बिरजू को बुला भला कहने लगा। उसे बाहर निकलने के लिए कहने लगा।

बिरजू बाहर निकला तो उसने लोहे के सरीए से उसके सिर पर वार कर दिया। सिर में चोट लगने से वह लहुलूहान हो गया। बिरजू ने चाकू निकाल लिया और पलटवार करते हुए अनिल पर चाकू से एक के बाद एक कई वार कर दिए। लहुलूहान हुए अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलने पर उमरा पुलिस मौेक पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर बिरजू को अस्पताल पहुंचाया।
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भुज स्पेशल जेल से पेरोल जम्प कर भागे कैदी को एसओजी ने लिम्बायत से पकड़ा
- हत्या के मामले में मिली थी आजीवन कैद की सजा


सूरत. गत वर्ष भुज स्पेशल जेल से पेरोल पर रिहा होने के बाद फरार हुआ आजीवन कारवार के कैदी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पुलिस ने लिम्बायत पुलिस थाने के निकट खानपुरा मोहल्ले से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक सुरेन्द्रनगर निवासी यासीन घांची उर्फ दूधी के खिलाफ 2014 में सुरेन्द्रनगर सिटी पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ था।

सुनवाई बाद इसे इस मामले में दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुना कर भुज स्पेशल जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में बंद था। इस बीच 23 दिसम्बर 2020 को उसे पेरोल पर जेल से रिहा किया गया था। उसे 7 जनवरी को वापस जेल लौटना था। लेकिन वह नहीं लौटा और फरार हो गया।

पुलिस ने उसके घर समेत अन्य ठिकानों पर खोजबिन की लेकिन वह नहीं मिला। इस बीच एसओजी को मुखबिर से यासिन खानपुरा में अपने एक मित्र के घर पर में छिपा होने की खबर मिली। जिसके आधार पर एसओजी ने छापा मार कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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22 लाखे के गांजे तस्करी व बिक्री के मामले में वांछित गिरफ्तार
- गांजे की खेप पकड़ी जाने पर ओडिसा भाग गया था


सूरत. गत वर्ष कतारगाम गजेरा सर्कल के निकट पकड़े गए 22 लाख रुपए की गांजे की खेप के मामले में पिछले ेएक साल से फरार चल रहे आरोपी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पुलिस ने वराछा इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गत वर्ष जनवरी में गजेरा सर्कल के निकट एक टेम्पो में नारीयल के बोरो में छिपा कर रखा गया करीब 22 लाख रुपए का गांजा पकड़ा गया था।

इस मामले की पूछताछ में खुलासा हुआ था कि गांजे की खेप वराछा अश्वनी कुमार रोड बटुक भैरव अपार्टमेंट निवासी सरोज उर्फ विक्की पंडा ने भेजी थी और टेम्पो चालक उसे कतारगाम शांतीनगर झोपड़पट्टी निवासी बिचेन्द्र जैना उर्फ बिची को पहुंचाने जा रहा था। इन दोनों का नाम उजागर होने पर वे फरार हो गए थे। बाद में सरोज तो पकड़ा गया था।

लेकिन बिची भागकर ओडिसा के गंजाम जिले में धनंजयपुर गांव स्थित अपने मूल निवास चला गया था। मामला शांत होने के बाद वह महीना भर पूर्व चोरी छिपे सूरत लौटा था। मुखबिर उसके वराछा मोदी स्ट्रीट के नाके पर होने की सूचना मिलने पर एसओजी टीम ने उसे घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया।
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Dinesh M Trivedi Reporting
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