FIRING : पचास-पचास हजार रुपए में उत्तरप्रदेश के दो शूटरों को दी थी सुपारी


- पार्षद पर फायरिंग के मामले में उत्तरप्रदेश से दो शूटर गिरफ्तार
- लंदन निवासी लाभू मेर समेत दो अन्य की तलाश

By: Dinesh M Trivedi

Published: 20 Jul 2020, 08:26 PM IST

सूरत. कंरज वार्ड से मनपा पार्षद भरत वघासिया की हत्या के लिए उत्तरप्रदेश के दो शूटरों को पचास पचास हजार रुपए की सुपारी दी गई थी। क्राइम ब्रांच ने दोनों शूटरों को उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया हैं तथा उन्हें अदालत में पेश कर दस दिन के रिमांड पर लिया हैं। जबकि इस मामले ममें लंदन निवासी लाभू मेर समेत दो अन्य अभी भी फरार है।


पुलिस के मुताबिक उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले के तेजीबाजार बदलापुर निवासी सुरजसिंह (21) व वीरमपुर गांव निवासी रविकांत वर्मा उर्फ सोनल (19) ने गोली चलाई थी। इन दोनों को उत्तरप्रदेश के जौनपुर के ही शुमभसिंह के मार्फत पूर्व में पकड़े गए नालासोपारा मुंबई निवासी जीतेन्द्र उर्फ जीतू निषाद ने 50-50 हजार रुपए में हमले का काम सौंपा था।

ज्ञात हो कि भरत वघासिया पर जानलेवा हमले की साजिश ब्रिटेन के लंदन निवासी लाभू मेर, वराछा जगदीश नगर निवासी नरेश धगल, विजय गढ़वी ने जीतू निषाद के साथ मिल कर रची थी। दरअसल जगदीश नगर की जमीन के एक हिस्से पर 40 वर्षों से नरेश धगड का तबेला है। जबकि ये जमीन प्रदीप वाड़ीवाला के नाम पर रजिस्टर्ड है। उक्त जमीन को लाभू मेर हासिल करना चाहता था।

उसने दलाल विजय गढ़वी के जरिए कब्जेदार नरेश और जमीन के प्रदीप से बात कर रखी थी। वहीं भरत ने मूल मालिक प्रदीप से सौदा करवा कर जमीन का एक हिस्सा किसी और को बेच दिया था। इस वजह से उन्हें आशंका थी भरत कहीं शेष जमीन भी किसी और को बिकवा देगा। ऐसा हुआ तो उनका नुकसान हो जाएगा। भरत को रास्ते से हटाने के लिए लाभू ने लंदन से नरेश और विजय को 8 लाख रुपए भेजे और भरत का निपटारा करने के लिए कहा था।

नरेश व विजय ने नाला सोपारा जाकर जीतू के जरिए सूरज व रविकांत को सूरत बुलवाया। दोनों ने लंबे हनुमान रोड मातावाडी हेमकुंज सोसाइटी निवासी भरत की रेकी की। उसके बाद 6 जुलाई की रात पौने नौ बजे वह स्कूटर पर वर्षा सोसायटी होते हुए अपने घर लौट रहे थे तो दोनों से उनकी पीठ कर गोली चलाई और फरार हो गए। शुरू में वे कुछ समझ नहीं पाए किस चीज से हमला हुआ।

कई घंटों बाद उनकी पीठ में गोली लगने की बात स्पष्ट हुई थी। इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच ने संदेह के आधार पर 10 जुलाई को नरेश व विजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरी साजिश का खुलासा हुआ।

उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस मुंबई के नाला सोपारा से जीतू निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया था। जीतू से पूछताछ के बाद एक टीम उत्तरप्रदेश के जौनपुर भेजी थी। पुलिस टीम सूरजसिंह व रविकांत को तो ले आई लेकिन उनका संपर्क करवाने वाला शुभमसिंह नहीं मिला। शुभम व मुख्य सूत्रधार लाभू मेर फरार है।

Patrika
Dinesh M Trivedi Reporting
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