आजमगढ़ और गोंडा के लिए दो ट्रेनें रवाना

मेडिकल टोकन केन्द्रों पर उमड़े हजारों लोग
भीड़ को संभालने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत


Thousands of people gathered at medical token centers
Police had to struggle to handle the crowd

By: Sunil Mishra

Updated: 10 May 2020, 09:45 PM IST

वापी. लॉकडाउन के कारण बेकारी का दंश झेल रहे हजारों श्रमिकों द्वारा गांव जाने के लिए आवेदन फार्म प्राप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से गांव भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे उत्तर प्रदेश के जौनपुर के लिए वापी से एक ट्रेन रवाना हुई। जबकि रविवार को आजमगढ़ और गोन्डा के लिए दो ट्रेनें रवाना हुई। आजमगढ़ की ट्रेन दोपहर दो बजे तथा गोंडा की ट्रेन शाम सात बजे रवाना हुई। इससे पूर्व तहसीलदार कार्यालय द्वारा आवेदनों के पते अनुसार नगर पालिका और ग्राम पंचायत में फार्म भेज दिया गया था। जहां से फार्म में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क कर लोगों को निर्धारित केन्द्रों पर स्वास्थ्य जांच तथा रुपए जमा कर टोकन लेने को कहा गया। इसके बाद सुबह से ही लोगों की लाइन इन केन्द्रों पर लगने लगी थी। भारी भीड़ जमा होने पर पुलिस को नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पडी।

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आजमगढ़ और गोंडा के लिए दो ट्रेनें रवाना

हजारों लोग जमा हो गए

आरजीएएस हाइस्कूल और नगर पालिका में हजारों लोग जमा हो गए थे। सुबह में हाईस्कूल से लेकर फाटक तक लाइन पहुंच गई थी। अपने आसपास के लोगों को गांव जाने के लिए फोन आने पर सैकड़ों लोग ऐसे भी थे जिन्हें फोन नहीं किया गया था, लेकिन वे भी पहुंच गए थे। भीड़ के कारण अव्यवस्था की आशंका के बाद बाद में कई जगहों पर दोपहर बाद लोगों को आने को कहा गया। बाद में वीआईए, आरजीएएस हाइस्कूल, चणोद समेत अन्य निर्धारित सेन्टरों से लोगों को बसों में भरकर वापी स्टेशन लाया गया। जहां से सभी को लाइन में लगाकर कोच में बिठाया गया। दोनों ट्रेनें 22 कोच की थी। प्रति कोच 54 यात्रियों को रवाना किया।

टिकट के अलग-अलग दाम
गांव जाने वालों से रेलवे का किराया वसूल करने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे आरोप प्रत्यारोपों के बीच ट्रेन से जाने वालों को टिकट का रुपए स्वयं ही खर्च करना पड़ा। इस दौरान अलग-अलग किराया लिया गया। नगर पालिका के सेन्टर से सात सौ तो पंचायत विस्तार के सेन्टरों पर 780 रुपए लिए गए।

मीडिया को स्टेशन परिसर में जाने से रोका
शनिवार को वलसाड स्टेशन पर पुलिस द्वारा मीडिया कर्मियों से हुए बवाल के बाद वापी स्टेशन पर शनिवार रात और रविवार दिन में रवाना हुई ट्रेनों के कवरेज के लिए मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया था। स्टेशन परिसर के मार्ग को बैरिकेड्स लगाकर मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया था। वलसाड स्टेशन पर हुए बवाल के कारण वापी स्टेशन पर मीडिया के अलावा किसी नेता को भी इंट्री नहीं दी गई। इस कारण कई नेताओं की ट्रेन को झंडी दिखाने की इच्छा मन में ही दबकर रह गई। मीडिया को रोके जाने के बाबत रेलवे का कोई अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। सूत्रों के अनुसार मीडिया कर्मियों द्वारा यात्रा करने वालों से ट्रेन के किराए समेत अन्य सुविधा या परेशानियों से जुड़ी जानकारी वाली खबरें छपने से होने वाली किरकिरी से बचने के लिए मीडिया को कवरेज के लिए अंदर जाने नहीं दिया गया।

Sunil Mishra Desk
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