शाम छह बजे के बाद दो नर्सों के भरोसे 70 से ज्यादा मरीज!

वांसदा सिविल अस्पताल में स्टाफ की कमी बड़ी समस्या

By: Gyan Prakash Sharma

Updated: 13 Oct 2021, 12:39 AM IST

वांसदा. करोड़ों रुपए की लागत से बने वांसदा के नए सिविल अस्पताल में चिकित्सा स्टाफ की कमी बड़ी समस्या बन रही है।
तीन मंजिल पर स्थित तीन वार्ड में इन दिनों भर्ती 70 से ज्यादा मरीजों की देखभाल का जिम्मा शाम छह बजे के बाद दो नर्सों के जिम्मे ही रहता है। ऐसे में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है। किसी मरीज की ग्लूकोज की बोतल पूरा होने पर जब तक मरीज के परिजन नर्स को ढूंढकर बुलाने जाते हैं तब तक ग्लूकोज बोतल की नली में खून रिटर्न होने लगता है। किसी मरीज की हालत बिगडऩे पर भी डॉक्टर और नर्स को ढूंढना पड़ता है। सिविल अस्पताल के हालात का जायजा लेने के लिए शाम सात बजे पत्रिका प्रतिनिधि जब वहां पहुंचे तो मरीजों ने अपनी परेशानी बताना शुरू कर दी। पता चला कि रात को एक मेडिकल ऑफिसर है, वह भी किसी इमरजेंसी केस आने पर चपरासी के बुलाने पर आता है। इस दौरान एक एक्सीडेंट केस आने पर मेडिकल ऑफिसर ने उसका प्राथमिक उपचार किया और घर चले गए। इधर मरीज दर्द के मारे जोर जोर से चिल्लाता रहा। इस दौरान पुलिस भी वहां मौजूद थी।


प्रांत अधिकारी भी पहुंचे


अस्पताल की दुर्दशा की शिकायत पत्रिका संवाददाता ने कलक्टर अमित प्रकाश यादव को बताई तो उन्होंने तुरंत प्रांत अधिकारी आरसी पटेल को कॉटेज अस्पताल भेजा। प्रांत अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर स्टाफ डॉक्टर और मेडिकल ऑफिसर से चर्चा कर पूरी जानकारी ली। कलक्टर ने भी आरएमओ से बात की और अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने पर्याप्त संख्या में स्टाफ स्टैंड बाय रखने की सूचना दी।

Gyan Prakash Sharma
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