सब्जियों की खेती नष्ट, बढ़ी महंगाई

आलू व प्याज को छोड़कर सभी हरी सब्जियां गृहिणियों के लिए बनी मुसीबत

By: Gyan Prakash Sharma

Updated: 10 Jun 2021, 11:16 PM IST

सिलवासा. चालू माह में हरी सब्जियों के तेवर तीखे हो गए हैं। बाजारों में टमाटर, भिंडी, ककड़ी, तुरई, परवल के भावों में लगातार वृद्धि हो रही है। आलू व प्याज को छोड़कर सभी हरी सब्जियां गृहिणियों के लिए मुसीबत बन गई हैं।

जून के शुरुआती दिनों से हरी सब्जियों के भाव सख्त बने हुए हैं। मई में बेमौसमी बारिश व तौकते तूफाने से खेतों में हरी सब्जियां खराब हो गई है। किसानों के अनुसार मौसम की मार से नई सब्जियों अंकुरित नहीं हुई है। आवक घटते ही भिन्न-भिन्न सब्जियों की महक रसोई से गायब होने लगी है।
व्यापारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की मार से महंगाई की मार पड़ी है। महाराष्ट्र व गुजरात में लॉकडाउन से मंडियों में हरी सब्जियों की आवक कम हो गई है। बारिश के बाद खेतों में सब्जियों की नई खेती शुरू होगी। अगले माह तक सब्जियों के भाव कम होने के आसार नहीं हैं। व्यापारियों का कहना है कि बिलीमोरा, नासिक की मंडियों में हरी सब्जियों की आवक अचानक कम हो गई है। खेतों में प्याज की उल्लेखनीय पैदावार हुई है, जिससे प्याज के भाव स्थिर बने हैं।

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