ECO.OFFENCES WING SURAT : पीडि़त कपड़ा व हीरा व्यापारी सीधे दे सकेंगे लिखित शिकायत


- आर्थिक अपराध निवारण शाखा ने शुरू किया काम काज
- Economic Crime Prevention Branch started work in surat

By: Dinesh M Trivedi

Published: 18 Dec 2020, 11:15 PM IST

सूरत. व्यापारिक लेनदेन में धोखाधड़ी के शिकार होने वाली व्यपारी अब चौक बाजार स्थित क्राइम ब्रांच में शुरू की गई आर्थिक अपराध निवारण शाखा में सीधे अपने लिखित शिकायत दे सकेंगे। उसकी पड़ताल के बाद संबंधित थाने में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

गुरुवार को सूरत दौरे पर गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाड़ेजा ने आर्थिक अपराध निवारण शाखा की चौकबाजार स्थित क्राइम ब्रांंच में शुरूआत की घोषणा की थी। इस शाखा की कार्यप्रणाली को लेकर शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि यह विशेष शाखा फिलहाल डीसीबी में ही है कार्यरत हुई है। अभी प्रभारी डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी व अन्य पुलिसकर्मियों की नियुक्ति नहीं हुई है।

जब तक अलग से नियुक्ति होती तब तक इसका प्रभार सहायक पुलिस आयुक्त अपराध आर.आर.सरवैया को दिया गया है। पीडि़त व्यापारी अपनी लिखित शिकायत सीधे शाखा में दे सकते है। जिसकी प्राथमिक पड़ताल की जाएगी। जांच में यदि कोई अपराध पाया जाता हैं तो संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। मामले की जांच शाखा के पुलिस अधिकारी ही करेंगे। जरुरत पडऩे पर डीसीबी (क्राइम ब्रांच) में भी प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।

मिलेनियम मार्केट के व्यापारी से 29.73 लाख के गबन मामले में एक गिरफ्तार

सूरत. मिलेनियम मार्केट के एक व्यापारी की दुकान में घपला कर 29.73 लाख रुपए का गबन करने वाले कर्मचारी का साथ देने वाले तीन आरोपियों में से एक को सलाबतपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रमुख क्रिएशन के नाम से कारोबार करने वाले वराछा खोडियार नगर निवासी आरोपी आशीष घंटाला भी गबन में शामिल थे।

वेसू ड्रीम हेरिटेज निवासी राजेन्द्र अग्रवाल की मिलेनियम मार्केट स्थित दुकान में काम करने वाले कर्मचारी उधना उदय दर्शन अपार्टमेंट निवासी सचीन तातेड़ गत 7 जनवरी से 23 अक्टूबर के दौरान घपला किया था। उसने आशीष व अन्य दो व्यापारियों से डेनिस व नरेश से मिलीभगत कर उन्हें औने-पौने दामों में कपड़ा बेचा था और उनसे रुपए ले लिए थे।

फिर उक्त कपड़ा अन्य व्यापारियों के खातों दर्शाया यह घपला सामने आने पर आशीष, डेनिस व नरेश अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए थे। राजेन्द्र ने 7 नवम्बर को प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।


शैलेष भट्ट को ट्रांसफर वांरट पर लिया हिरासत में


सूरत. बिट क्वॉइन घोटाले के आरोपी शैलेष भट्ट को वराछा पुलिस ने एक अन्य मामले में लाजपोर जेल से ट्रांसफर वांरट के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस के मुताबिक, शैलेष व उसके भतीजे निकुंज के खिलाफ करीब एक माह अवैध रूप संपती हथियाने के आरोप में एक बिल्डर हिम्मत राणपरिया ने प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।

हिम्मत ने तीन प्रतिशत ब्याज पर 6.50 करोड़ रुपए उससे उधार लिए थे। अपनी संपति के दस्तावेज गिरवी रखे थे। बाद में दोनों में समझौता होने पर संपति के एवज में सवा करोड़ रुपए और हिम्मत को देने का करार हुआ था। लेकिन उन्होंने हिम्मत को रुपए नहीं दिए।

इस बीच उसे डरा धमका कर सीआइडी में चल रहे अपने केस में उन्होंने हिम्मत को गलत बयान देने के लिए भी मजबूर किया था। इस संबंध में हिम्मत ने करीब एक माह पूर्व वराछा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। यहां उल्लेखनीय है कि भट्ट फिलहाल सरथाण के एक बिल्डर से 25 करोड़ रुपए की जबरन वसूली के आरोप में लाजपोर जेल में बंद था।

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Dinesh M Trivedi Reporting
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