मंत्री सांसद के लेटरपेड से होता था खेल, टिकट की कालाबाजारी पकड़ी

मंत्री सांसद के लेटरपेड से होता था खेल, टिकट की कालाबाजारी पकड़ी

Sanjeev Kumar Singh | Updated: 08 Aug 2019, 10:15:58 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

सूरत से दिल्ली रेलवे बोर्ड तक थी सेटिंग, जांच में कई नाम आएंगे सामने

वीआइपी कोटे में टिकट कन्फर्म करवाने वाला एजेंट गिरफ्तार

नई दिल्ली रेलवे बोर्ड ने संदेह पर मुम्बई मंडल को सूचना दी, सूरत आरपीएफ की कार्रवाई

वीआइपी कोटे की सीट कन्फर्म करवाने वाले अनाधिकृत लोगों में हडक़म्प

 

सूरत.

नई दिल्ली, रेलवे बोर्ड में मंत्री और सांसद के लेटरपेड को उपयोग करके सूरत के एक इ टिकट एजेंट द्वारा रेलवे वीआइपी कोटा से सीट कन्फर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूरत रेलवे सुरक्षा बल ने गुरुवार सुबह अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस की जांच के दौरान दो यात्रियों को पकड़ा। पूछताछ में दोनों यात्रियों ने बताया कि पन्द्रह-सोलह सौ रुपए देकर यह दोनों सीटें एजेंट से कन्फर्म करवाई हैं।

 

मुम्बई रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस. आर. गांधी को गुरुवार को रेलवे बोर्ड, न्यू दिल्ली से ट्रेन नम्बर 12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस में सफर करने वाले दो यात्रियों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इन दोनों यात्रियों की टिकट रेलवे वीआइपी कोटे में कन्फर्म हुई हैं। गांधी ने तुरंत सूरत स्टेशन के सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश पांडेय को ट्रेन पर पहुंचने तथा दोनों यात्रियों को पकडऩे के निर्देश दिए। इसके बाद सूरत रेलवे सुरक्षा बल निरीक्षक ईश्वर सिंह यादव, अपराध शाखा निरीक्षक अरुण कुमार सिंह टीम बनाकर प्लेटफार्म पर पहुंच गए।

 

रेलवे सुरक्षा बल ने 12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस से अशोक कुमार यादव और मोहम्मद इलियास के एक पीएनआर की दो सीटों को रेलवे वीआइपी कोटे से कन्फर्म होने पर पकड़ लिया। दोनों यात्रियों से पूछताछ की गई इसमें उन्होंने बताया कि हमारी टिकट कैसे कन्फर्म हुई है यह हमें नहीं पता। हमने इस टिकट को बनाने और कन्फर्म करवाने के लिए एक इ टिकट एजेंट गणेश झरी यादव को क्रमश: 1600 और 1500 रुपए दिए थे। मामला संदेहजनक लगने पर दोनों यात्रियों को उधना में उतार लिया और उधना रेलवे सुरक्षा बल थाने लाया गया।

 

दोनों यात्रियों के बताए पते पर रेलवे सुरक्षा बल ने गोडादरा देवध रोड मथुरा नगर-3 कृष्णा कृपा सोसायटी निवासी गणेश झरी यादव (30) को गिरफ्तार कर लिया। वह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के चकई तहसील के ओराइया गांव का निवासी है। वह सूरत में किराए के मकान में रहता है। उसके पास से कुल 38 इ टिकट बरामद हुए हैं जिनकी कीमत 1 लाख, 43 हजार, 332 रुपए बताई गई है।

 

इसके अलावा उसके पास से दो लेपटॉप, एक सीपीयू, दो मोबाइल, दो नोटबुक बरामद हुए। पूछताछ में गणेश ने अपने दोस्त राजेन्द्र का नाम बताया है। इससे वह टिकट कन्फर्म करवाता था। रेलवे सुरक्षा बल ने गणेश को गिरफ्तार कर जांच शुरू क है। उसे शुक्रवार को रेलवे कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।

 

2012 में भी पकड़ा गया था

गोडादरा क्षेत्र से गिरफ्तार गणेश यादव काफी समय से रेलवे टिकट का व्यापार कर रहा है। उसके पास आइआरसीटीसी का लाइसेंस भी है, लेकिन वह निजी आइडी से भी टिकटें बुक किया करता था। इसी कारण से उसके खिलाफ पूर्व में 2012 में भी रेलवे एक्ट 143 के तहत मामला दर्ज हुआ था। गुरुवार को सामने आए मामले में गणेश ने किसी दोस्त राजेन्द्र से टिकट कन्फर्म करवाया है। सूत्रों ने बताया कि राजेन्द्र ने भी किसी अन्य व्यक्ति से ये टिकटें कन्फर्म करवाई हैं। इस घटना में दो जनों को फरार घोषित किया गया है।

 

दो टीमें बिहार-झारखंड रवाना

गोडदरा क्षेत्र से गिरफ्तार इ टिकट एजेंट गणेश का दोस्त राजेन्द्र सूरत में रहता है। लेकिन, कुछ दिन पहले वह गांव गया था और अभी वहीं है। वह मूल रूप से झारखंड का निवासी है। उसके मोबाइल नम्बरों से तलाश तेज की गई है। सूत्रों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल अपराध शाखा तथा पोस्ट से दो टीम बिहार-झारखंड भेजी गई हैं। अपराध शाखा निरीक्षक अरुण कुमार सिंह टीम को लीड करेंगे। नई दिल्ली, रेलवे बोर्ड से मंत्री-सांसद के लेटरपेड किसके माध्यम से एजेंट को मिलते थे। इन सभी बातों की छानबीन शुरू हो गई है। रेलवे सुरक्षा बल गिरफ्तार एजेंट के सम्पर्कों को खंगालने में जुटी है।

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