VNSGU : पुलिस की मौजूदगी में हुई सीनेट सभा

एनएसयूआइ सदस्यों ने की नारेबाजी, कहा-कुलपति डरता है, पुलिस को आगे रखता है

सभा में मीडिया का प्रवेश रोका गया

161 में से मात्र 53 सीनेट सदस्यों से ही कुलपति ने सभा की संचालित

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 29 Mar 2019, 08:15 PM IST

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित हुई सीनेट सभा का अधिकतर सीनेट सदस्यों ने बहिष्कार किया। 161 में से मात्र 53 सदस्यों से ही कुलपति ने सभा को संचालित किया। सीनेट के बाहर एनएसयूआइ ने विरोध प्रदर्शन किया तथा कुलपति के खिलाफ नारे लगाए। मामले को शांत करने के लिए कुलपति ने पुलिस को बुला लिया। पहली बार सीनेट सभा में कुलपति ने मीडिया पर प्रतिबंध लगाया।
विश्वविद्यालय में बुधवार को सीनेट सभा आयोजित हुई। आचार संहिता के बीच सीनेट सभा आयोजित करने के कारण कई सीनेट सदस्य पहले से ही कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता से नाराज थे। सीनेट में आचार संहिता के उल्लंघन का जिम्मा सीनेटरों पर थोपे जाने से नाराजगी और भी बढ़ गई। कई सीनेटर डॉ.गुप्ता की नियुक्ति से नाराज हैं। डॉ.गुप्ता के व्यवहार और कार्यप्रणाली के चलते आधे से ज्यादा सीनेटर उनसे दूर रह रहे हैं। इसका नजारा बुधवार की सीनेट सभा में देखने को मिला। इसी कारण 161 में से मात्र 53 सीनेटर ही सभा में उपस्थित रहे।

मजबूरी में बैठना पड़ा सभा में
इनमें से विश्वविद्यालय के कई विभागों के विभागाध्यक्ष थे। सीनेट सभा में कम सीनेटर होने के कारण मजबूरन उन्हें सभा में बैठना पड़ा। विश्वविद्यालय के कई विभागों में परीक्षा भी चल रही है। परीक्षा छोड़कर विभागाध्यक्ष को सभा में आना पड़ा। आधे से ज्यादा सीनेटरों में सीनेट सभा का बहिष्कार किया। कम सीनेटरों के बीच कुलपति ने सभा शुरू की। सभा में मीडिया के प्रवेश पर कुलपति ने प्रतिबंध लगा दिया। इससे पहले विश्वविद्यालय की किसी भी सीनेट सभा में ऐसा नहीं हुआ है। कुलपति ने मीडिया को सभा में प्रवेश करने ही नहीं दिया। इसे लेकर सभा के बाहर विवाद शुरू हो गया। तभी एनएसयूआइ के कार्यकर्ता ज्ञापन लेकर सभा हॉल में पहुंचे। जैसे ही कार्यकर्ता सभा हॉल के पास आए दरवाजा बंद कर दिया गया। यह देख एनएसयूआइ के कार्यकर्ता गुस्सा हो गए।

सभा के अंदर भी विवाद
सभा के अंदर मात्र 53 सीनेटर उपस्थित थे। सीनेटरों ने मीडिया को अंदर प्रवेश देने की गुजारिश की, लेकिन कुलपति ने आचार संहिता भंग होने की बात कहकर सीनेटरों की मांग को ठुकरा दिया।

तोड़ दिया सीनेट सभा का दरवाजा
एनएसयूआइ के कार्यकर्ता कुलपति को ज्ञापन सौंपने आए थे, लेकिन कुलपति ने उन्हें सीनेट में प्रवेश नहीं किया। इससे नाराज एनएसयूआइ के कार्यकर्ता सीनेट हॉल के बाहर विरोध करने लगे। कुलपति की योग्यता को लेकर भी नारे लगाए गए विरोध के बाद भी कुलपति ने सीनेट हॉल का दरवाजा नहीं खुलवाया। इस एनएसयूआइ कार्यकर्ताओं ने सीनेट हॉल का दरवाजा तोड़ दिया। मामला उग्र होता देखकर कुलपति ने पुलिस को बुलाया। पुलिस के आने पर एनएसयूआइ ने नारेबाजी शुरू करते हुए कहा कि कुलपति हमसे डरता है, पुलिस को आगे रखता है। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। जैसे तैसे एनएसयूआइ के कार्यकर्ताओं को शांत किया, लेकिन कुलपति बाहर ज्ञापन लेने नहीं आए।

आचार संहिता के नाम पर गलत काम पर चुप्पी
आचार संहिता होने के बावजूद विश्वविद्यालय में सीनेट सभा आयोजित की गई। सीनेट में बजट और वार्षिक लेखा-जोखा पास किया गया, लेकिन विद्यार्थियों के हित के प्रस्तावों पर आचार संहिता का नाम देकर उसे टाल दिया। सीनेट सभा में जिस सीनेटर ने कुलपति की वाहवाही की उसे सुना गया। लेकिन जिसने गलत निर्णयों पर बोलने का प्रयास किया तो आचार संहिता का उल्लंघन बताकर उसे बिठा दिया गया। बजट में गलती बताने पर भी सीनेटर को रोका गया। कुलपति के इस तरह के रवैये से अंदर बैठे कई सीनेट नाराज हुए। सीनेटर भावेश रबारी ने बताया कि सीनेट सभा में बजट और वार्षिक लेखा जोखा पास करना भी आचार संहिता का उल्लंघन है।

Divyesh Kumar Sondarva Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned