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VNSGU : घनश्याम रावल को सभी पदों से हटाया

पद का दुरुपयोग कर व्यारा की होम्योपेथिक कॉलेज में रीडर का पद ग्रहण किया

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सूरत. वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के सिंडीकेट सदस्य डॉ. घनश्याम रावल के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की गई। उन्हें व्यारा कॉलेज के रीडर पद के साथ विश्वविद्यालय के सभी पदों से हटाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके अलावा एक अन्य सिंडीकेट सदस्य डॉ. महेन्द्र चौहाण के खिलाफ तीन सदस्यों की जांच समिति का गठन किया गया है।
सिंडीकेट सदस्य डॉ.घनश्याम रावल के खिलाफ शिकायत की गई थी कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर रीडर और विश्वविद्यालय के अन्य पद ग्रहण किए । डॉ.रावल के खिलाफ तीन सदस्यों की जांच समिति गठित की गई थी। इसमें स्मीमेर कॉलेज के डॉ.तेरुण तेजवानी, पच्चीगर कॉलेज के डॉ.विपुल शास्त्री और बरोड़ा कॉलेज के डॉ.अल्पेश शाह को नियुक्त किया गया था। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति डॉ. शिवेन्द्र गुप्ता ने एक अधिसूचना जारी की। इसके अनुसार डॉ.घनश्याम रावल को व्यारा के सी.एन.कोठारी होम्योपेथिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के रीडर पद से हटा दिया गया है। साथ ही सिंडीकेट, सीनेट, एकेडमिक काउंसिल, बॉर्ड ऑफ स्टडीज के पदों से भी उन्हें हटा दिया गया है।
सीनेट सदस्य गौरांग वैद्य का कहना है कि डॉ. घनश्याम रावल ने बतौर एमडी इन होम्योपेथी होने की बात बताकर व्यारा कॉलेज में पदभार संभाला। उन्होंने एडहोक और विजिटिंग फेक्लटी के काउंट गलत बताकर रीडर का पद संभाला। इस पद के माध्यम से विश्वविद्यालय के अन्य पद हासिल किए।

डॉ. महेन्द्र चौहाण के खिलाफ जांच कमेटी
मेडिकल संकाय के डॉ. महेन्द्र चौहाण के खिलाफ तीन सदस्यों की जांच समिति का गठन किया गया है। डॉ.चौहाण सिंडीकेट और एमसीआई सदस्य हैं। उनके खिलाफ सीनेट सदस्य गौरांग वैद्य ने शिकायत की है कि उन्होंने जो भी पदभार संभाले, वह नियमों के खिलाफ हैं। डॉ.चौहाण के खिलाफ जांच समिति में स्मीमेर कॉलेज के डॉ.तरुण तेजवानी, आणंद की सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के डॉ.रामसिंह राजपूत और पी.टी. साइंस कॉलेज के डॉ.पृथृल देसाई शामिल हैं।