सूरत के स्कूलों में 1 दिसम्बर से शुरू होगा वाटर ब्रेक अभियान

- बच्चों के लिए केरल और कर्नाटक की तर्ज पर गुजरात में पहल सूरत से

सूरत.

पानी बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए जरूरी है, लेकिन स्कूलों में हजारों विद्यार्थी कम पानी पीते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए समर्थन ग्रुप शहर की स्कूलों में 1 दिसम्बर से वाटर ब्रेक अभियान शुरू कर रहा है। इस अभियान से 50 से अधिक स्कूलों के करीब 50 हजार विद्यार्थी जुड़ चुके हैं।

अभिभावकों की शिकायत रहती है कि बच्चों को जो वाटर बोटल दी जाती है, वह जस की तस वापस आती है। यानी बच्चे स्कूल में पढ़ाई के दौरान पानी नहीं पीते। केरल के सरकारी स्कूलों में वाटर ब्रेक शुरू किया गया था। इससे प्रेरित होकर कर्नाटक सरकार ने भी स्कूलों में वाटर ब्रेक लागू किया। अब गुजरात में सूरत से वाटर ब्रेक अभियान की शुरुआत हो रही है। अभियान शुरू होने से पहले समर्थन ग्रुप ने विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल बनाया और पानी की जरूरत के बारे में जानकारी एकत्रित की। इस पैनल में डॉ.फाल्गुन शाह, डॉ.कनकसिंह सूरमा और डॉ.धनेश वैद्य शामिल हैं।

हर दो पीरियड बाद होगा वाटर ब्रेक
वाटर ब्रेक अभियान में हर दो पीरियड के बाद विद्यार्थियों को पानी पीने का ब्रेक दिया जाएगा। तीसरे पीरियड के शिक्षक कक्षा में आते ही पहले विद्यार्थियों को पानी पिलाएंगे।

डीहाइड्रेशन की समस्या
समय पर पानी नहीं मिलने पर डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। कई बार स्कूल में या कार्यक्रमों में पानी नहीं मिलने के कारण बच्चों के बेहोश होने के मामले सामने आते हैं। सीबीएसइ और गुजरात बोर्ड ने परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को पानी पीने की छूट दे रखी है। परीक्षा के दौरान समय-समय पर परीक्षा खंड में परीक्षार्थियों को पानी पिलाया जाता है।

पानी की जरूरत
Age Sex Total drink per day
4-8 FEMALE 1000-1400 ml
MALE 1000-1400 ml
9-13 FEMALE 1200-2100 ml
MALE 1400-2300 ml
14-18 FEMALE 1400-2500 ml
MALE 2100-2300 ml

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Divyesh Kumar Sondarva
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