ड्रेनेज लाइन से पानी का रिसाव, गंदे बाथरूम, वॉश बेसिन ने खोली पोल

गुजरात सरकार ने छह मई को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाने के लिए दो मई को निर्देश जारी किए थे, लेकिन न्यू सिविल अस्पताल के अधिकारी...

By: मुकेश शर्मा

Published: 24 May 2018, 10:49 PM IST

सूरत।गुजरात सरकार ने छह मई को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाने के लिए दो मई को निर्देश जारी किए थे, लेकिन न्यू सिविल अस्पताल के अधिकारी इस निर्देश को घोलकर पी गए। राजस्थान पत्रिका ने रविवार को न्यू सिविल अस्पताल परिसर और वार्ड में ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो स्वच्छता अभियान की पोल खुल गई। ड्रेनेज लाइन से गंदे पानी का रिसाव, सीढिय़ों पर पीक की पिचकारी और गंदे वॉश बेसिन स्वच्छता की दूसरी ही तस्वीर पेश कर रहे हैं।


दक्षिण गुजरात का सबसे बड़ा सरकारी न्यू सिविल अस्पताल आए दिन विवाद में रहता है। हाल ही सडक़ दुर्घटना में घायल मरीज की छह घंटे उपचार नहीं मिलने के कारण मौत के मामले में दो सीनियर चिकित्सकों को नोटिस थमाया गया तथा चार जूनियर चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया था। रविवार को न्यू सिविल अस्पताल के अधिकारियों द्वारा सरकार के आदेश की पालना नहीं करने से यह फिर विवाद में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक सेवा और शिक्षण के नियामक अधिकारी ने दो मई को गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सभी महानगर पालिकाओं के आयुक्त, कलक्टर और जिला विकास अधिकारी के नाम परिपत्र जारी किया था। इसमें सरकारी, सार्वजनिक स्थल, निजी अस्पतालों और स्वैच्छिक संस्थाओं के अस्पतालों को जोड़ते हुए स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। न्यू सिविल अस्पताल में इस आदेश की पालना नहीं हुई। मेडिकल कॉलेज और न्यू सिविल अस्पताल के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।


राजस्थान पत्रिका ने रविवार दोपहर इस अभियान को लेकर अस्पताल परिसर तथा वार्ड में दौरा किया तो स्वच्छता अभियान की पोल खुल गई। परिसर में शौचालय भवन के पास ड्रेनेज लाइन से कई दिनों से पानी लीक हो रहा है। रविवार को भी हालत ज्यों की त्यों दिखाई दी। कसरत विभाग के नजदीक ड्रेनेज लाइन से गंदे पानी का रिसाव हो रहा था। नजदीक ही काफी दिनों से स्क्रेप भी पड़ा है। ट्रोमा सेंटर में इस अभियान के तहत कोई आयोजन नहीं हुआ। आरएमओ ऑफिस के नजदीक शौचालय गंदे और टूटे हुए मिले।


वार्ड में वॉश बेसिन के नीचे पानी गिरने के लिए लगा पाइप टूटा मिला। साबुन की व्यवस्था पहले भी नहीं थी। इस अभियान में साबुन की व्यवस्था करने के खास निर्देश दिए गए थे। सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में साबुन की सप्लाई आती है, लेकिन मरीजों को कभी नहीं दी जाती। सर्जिकल वार्ड की गैलरी में मरीजों के गंदे कपड़े और कचरा जहां-तहां नजर आए।

दूसरी जगह मना स्वच्छता अभियान


सूत्रों ने बताया कि राज्य के बड़े सरकारी अस्पतालों में अहमदाबाद, वड़ोदरा, भरुच समेत अलग-अलग जगह स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी पटेल के समय स्वास्थ्य विभाग में प्रत्येक माह की छह तारीख को स्वच्छता अभियान के तौर पर मनाने के आदेश जारी किए थे। रविवार या सार्वजनिक छुट्टी होने पर एक दिन पहले या बाद में इस कार्य को पूरा कर ऑनलाइन रिपोर्ट डालनी होती है। गांधीनगर स्वास्थ्य, चिकित्सा सेवा और शिक्षण के नियामक ने स्वास्थ्य संस्थाओं को कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर दो मई को ही भेज दी थी। इसमें स्वास्थ्य संस्थाओं को छह मई को सुबह नौ बजे स्वच्छता मिशन की शुरुआत करने के निर्देश दिए गए थे।

यह निर्देश दिए थे


प्रत्येक शौचालय को नम्बर देना तथा चेकलिस्ट लगाना। स्टाफ शौचालय में भी चेकलिस्ट लगाना।
क्लीननेस चेकलिस्ट प्रत्येक जगह लगानी होगी।
प्रत्येक महिला वार्ड में सेनेटरी नेप्किन निकास की व्यवस्था।
स्क्रेप का निकास नियमानुसार।
स्वच्छता मिशन ऑडिट के संदर्भ में एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजना।
स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा स्वच्छता अभियान की चेकलिस्ट को ऑनलाइन डालना।
स्वच्छता मिशन में सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ‘हैंड वॉश’ की शिक्षा देना।

इसलिए नहीं चलाया

अस्पताल के एएचए विभाग को स्वच्छता अभियान की रिपोर्ट बनाकर सोमवार को सौंपने के लिए कहा गया है। न्यू सिविल अस्पताल के शौचालय और वार्ड में सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर है। इसलिए रविवार को विशेष अभियान नहीं चलाया गया। डॉ. जैमिन कॉन्ट्रेक्टर, इंचार्ज अधीक्षक, न्यू सिविल अस्पताल

मुकेश शर्मा Reporting
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