यार्न उत्पादक मनमानी करने का आरोप लगा रहे वीवर्स

यार्न उत्पादक मनमानी करने का आरोप लगा रहे वीवर्स

Pradeep Devmani Mishra | Publish: Sep, 13 2018 09:28:02 PM (IST) Surat, Gujarat, India

वीवर्स ने यार्न उत्पादकों के खिलाफ वीवर्स ने एन्टि प्रोफिटिंग कमेटी सहित कई अधिकारियों को शिकायत की

सूरत
यार्न की सतत बढ़ती कीमतों के कारण वीवर्स की हालत पतली होते जा रही है। वीवर्स ने यार्न उत्पादकों के खिलाफ वीवर्स ने एन्टि प्रोफिटिंग कमेटी सहित कई अधिकारियों को शिकायत की है।
फैडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन की ओर से जीएसटी कमिश्नर को पत्र लिखकर बताया गया है कि जीएसटी लागू होने के बाद यार्न पर 18 प्रतिशत ड्यूटी थी, लेकिन इसका विरोध होने के कारण कुछ महीनों पर यार्न पर ड्यूटी घटाकर 12 प्रतिशत कर दी गई। इससे यार्न की कीमत छह प्रतिशत घट गई। इसके बाद यार्न उत्पादकों को यार्न के दाम करने चाहिए थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कर यार्न की बेजिक कीमत बढ़ा दी। इस कारण टैक्स घटने पर भी वीवर्स को लाभ नहीं मिल सका। यार्न उत्पादक अभी तक वह ऐसा ही कर रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ एन्टि प्रोफिटिंग एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। बाद में कुछ दिनों पहले ही कलक्टर को भी ज्ञापन दिया।

तापी में सभी तरह की प्रतिमाओं के विसर्जन पर लगाया प्रतिबंध

तापी समेत राज्य की अन्य नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सूरत सिटीजंस काउंसिल ट्रस्ट की ओर से दायर पीआइएल पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए सिर्फ गणेश प्रतिमाएं ही नहीं, बल्कि सभी तरह की प्रतिमाओं के नदी में विसर्जन पर रोक लगाने और अन्य जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।

सूरत सिटीजंस काउंसिल ट्रस्ट कई साल से इसके लिए मुहिम चला रहा है। वर्ष 2014 में ट्रस्ट की ओर से उच्च न्यायालय में पीआइएल तथा ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी याचिका दायर की गई थी। इसी कारण वर्ष 2015 से गणेश विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों का निर्माण शुरू किया गया। इसके बावजूद तापी नदी में हर साल हजारों प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा। तापी नदी में पूरी तरह प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगे और नदी प्रदूषित होने से बचे, इसको लेकर ट्रस्ट की ओर से इस साल दोबारा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई लंबित थी। इसी दौरान सूरत मनपा प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से इस साल तापी नदी में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने मनपा और सूरत पुलिस प्रशासन के इस फैसले को ध्यान में लिया और अंतिम फैसला सुनाते हुए राज्य की सभी नदियों में सिर्फ गणेश प्रतिमाएं ही नहीं, बल्कि दुर्गाष्टमी, जन्माष्टमी, दशा मां और मोहर्रम के वक्त ताजियों के विसर्जन पर भी रोक लगाने तथा प्रदूषण रोकने के लिए अन्य कदम उठाने का संबंधित विभागों को निर्देश दिया।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned