वीवर्स को ५00 करोड़ के क्रेडिट रिफंड का इंतजार

छोटे उद्यमियों के साथ नाइंसाफी का आरोप

By: Pradeep Mishra

Published: 11 May 2018, 08:32 PM IST

सूरत

जीएसटी लागू होने के बाद जुलाई से ही सूरत समेत देशभर के वीवर्स जॉबवर्क पर इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। वीवर्स का कहना है कि सरकार प्रोसेसर्स और स्पिनर्स जैसे बड़े उद्यमियों को टैक्स रिफंड दे रही है, लेकिन वीविंग, जहां छोटे-छोटे उद्यमी हैं, के साथ अन्याय कर रही है। सरकार के रवैये के कारण दक्षिण गुजरात के वीवर्स का लगभग ५00 करोड़ रुपए का एक्युमलेटेड टैक्स रिफंड फंस गया है।
कपड़ा उद्योग के सूत्रों के अनुसार दक्षिण गुजरात में लगभग छह लाख लूम्स मशीनें हैं। इन पर ज्यादातर उद्यमी जॉबवर्क करते हैं। यार्न पर पहले 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था, लेकिन उद्यमियों के विरोध के बाद इसे घटा कर 12 प्रतिशत कर दिया गया। दूसरी ओर कपड़े पर 5 प्रतिशत जॉबवर्क लगता है। इस तरह वीवर्स की ओर से चुकाए गए 12 प्रतिशत टैक्स में से पांच प्रतिशत ही इस्तेमाल हो पाता है, बाकी सात प्रतिशत जमा हो जाता है। वीवर्स का कहना है कि जीएसटी के नियमों के अनुसार उन्हें यह सात प्रतिशत रिफंड मिलना चाहिए, लेकिन सरकार इससे इनकार कर रही है। एक अनुमान के अनुसार जुलाई से अब तक ५00 करोड़ रुपए का रिफंड सरकार के पास जमा हो चुका है। वीवर्स ने इस बारे में स्थानीय नेता, जीएसटी काउंसिल और वित्तमंत्री से गुहार लगाई, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। एक सप्ताह पहले प्रोसेसर्स को रिफंड मिलने की बात मान लेने के बाद वीवर्स को उम्मीद है कि उन्हें भी टैक्स क्रेडिट रिफंड मिलेगा।
एक्युमलेटेड टैक्स पर आयकर की डिमांड
जीएसटी से पहले जब वैट था, सरकार की ओर से मिलने वाला रिफंड बैलेंस शीट में संपत्ति के तौर पर दर्शाया जाता था। नियम के अनुसार वीवर्स का जो टैक्स क्रेडिट है, वह भी संपत्ति के मद में दर्शाया जाना चाहिए। वीवर्स अभी तक रिफंड नहीं मिलने के कारण उसे बेड डेब्ट की मद में दर्शा रहे हैं।

कोई सुनवाई नहीं
केन्द्र सरकार बड़े उद्यमियों की बात मानकर उन्हें टैक्स क्रेडिट रिफंड दे रही है, लेकिन छोटे वीवर्स की कोई सुनवाई नहीं है। सरकार के रवैये से वीवर्स परेशान हैं। इस बारे में हमने बार-बार गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
मयूर गोलवाला, वीवर

वीवर्स निराश
जीएसटी लागू होने के बाद अब तक लगभग 400 करोड़ रुपए से अधिक का एक्युमलेटेड टैक्स क्रेडिट पड़़ा है। सरकार इसे वापस करने के मूड में नहीं है। इससे वीवर्स निराश हैं।
आशीष गुजराती, वीवर

 

 

Pradeep Mishra Reporting
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