यार्न की बढ़ती कीमत के विरोध में वीवर्स एक महीने यूनिट बंद रखेंगे

पीपोदरा, लसकाणा और सायण के कपड़़ा उद्यमियों की मीटिंग में विचार

By: Pradeep Mishra

Updated: 01 May 2018, 09:25 PM IST




सूरत. यार्न की लगातार बढ़ती कीमत के कारण वीवर्स की हालत पतली है। यार्न उत्पादक कंपनियों के विरोध में मंगलवार को वीवर्स की मीटिंग हुई। इसमें एक महीने तक कारखाने बंद रखने पर विचार किया गया। मीटिंग में सात मई से एक महीने तक उत्पादन बंद रखने की घोषणा हो सकती है।
यार्न की कीमत पिछले एक सप्ताह में पांच रुपए बढ़ गई है और दूसरी ओर ग्रे की मांग नहीं होने से वीवर्स को कम कीमत पर माल बेचना पड़ रहा है। इससे उनमें नाराजगी है। इसके अलावा पेमेंट समय पर नहीं मिलने के कारण भी वीवर्स परेशान हैं। पलायन करने वाले चीटर व्यापारियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इन मुद्दों पर वीवर्स ने सूरत वीवर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में अंजनी इंडस्ट्री में मीटिंग की, जिसमें पीपोदरा, लसकाणा सहित कई क्षेत्र के वीवर्स अग्रणी उपस्थित थे। मीटिंग में यार्न की बढ़ती कीमत के विरोध में एक महीने तक उत्पादन बंद रखने का फैसला किया गया। एसोसिएशन के प्रमुख विजय मांगुकिया ने बताया कि यार्न की लगातार बढ़ती कीमत के कारण वीवर्स की हालत पतली है। यार्न की कीमतों के कारण छोटे, बड़े, सभी वीवर्स की हालत खराब है। ज्यादातर वीवर्स एक महीने तक उत्पादन बंद रखने के मूड में हैं। हम पांच मई तक यार्न की कीमत घटने का इंतजार करेंगे। पांच मई को फिर शहर के तमाम क्षेत्रों के वीवर्स की मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। मीटिंग में सात मई से एक महीने तक उत्पादन बंद रखने की घोषणा हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि जीएसटी के बाद कपड़ा उद्यमियों की हालत पहले से ही खराब है ऐसे में यदि यार्न की कीमत भी लगातार बढ़ती रही तो वीवर्स के लिए और मुसीबत खड़ी हो सकती है। छोटे कपड़ा उद्यमियों ने मशीनें बेचना शुरू कर दी हैं और बड़े भी परेशान हो गए हैं।

GST
Pradeep Mishra Reporting
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