जीवन में जो करते हैं, वो लौटकर आता है-मुनि पुलकसागर

दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन गुरुवार सुबह आर्जव धर्म

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 05 Sep 2019, 10:28 PM IST

सूरत. दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन गुरुवार सुबह आर्जव धर्म के बारे में मुनि पुलकसागर महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि जंदगी में जो कुछ भी करते हैं वो लौटकर अपने पास आता है। यदि छल-कपट हमारे अंदर है और कपटतापूर्ण व्यवहार सबके साथ रखते हैं तो वही छल-कपट हमारे में आएगा। छल के रिश्ते ज्यादा दिन नहीं चलने वाले हैं। इसलिए छल से बचने का प्रयास करना चाहिए। दूसरे का मुंह काला करने से पहले अपना हाथ काला होता है। महाराज परवत पाटिया में श्रीचंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर के पास प्रवचन में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि उत्तम आर्जव धर्म अर्थात मन में जो सोच रहे हो वह वचन में आ जाए। शुभ विचार आए तो उसे पूरा करने का प्रयास करें। मन इतना पवित्र रखो कि जो सोच रहे हो वह वचन में आ जाए। जिंदगी को बदलना है तो धर्म ईमानदारी से करना सीखों। जो धर्म ईमानदारी से करता है उसका जीवन पवित्र हो जाता है। महाराजजी ने मंदिर को पाठशाला और घर को प्रयोगशाला बताते हुए कहा कि मंदिर से ज्यादा घर पवित्र होना चाहिए। जब भी अवसर मिले धर्म के कार्य में आगे रहकर अपना पुण्य बढ़ाते रहने का प्रयास करना चाहिए।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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