कंटेनर क्या हटे, कलंक बन गया कचरा

मनपा प्रशासन की शहर को कंटेनर फ्री बनाने की मुहिम के बीच लोगों ने रास्तों को डंपिंग जोन बना दिया है। यह मामला उस वक्त गरमा गया, जब नवसारी सांसद सी.आर. पाटिल ने मनपा की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। आयुक्त एम. थेन्नारसन ने शहर को कंटेनर फ्री बनाने की मुहिम को सफल बताते हुए कहा कि शहर को साफ-सुथरा रखने के अभियान में लोगों को भी सहयोग करना होगा।

By: मुकेश शर्मा

Published: 18 Dec 2018, 10:39 PM IST

सूरत।मनपा प्रशासन की शहर को कंटेनर फ्री बनाने की मुहिम के बीच लोगों ने रास्तों को डंपिंग जोन बना दिया है। यह मामला उस वक्त गरमा गया, जब नवसारी सांसद सी.आर. पाटिल ने मनपा की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। आयुक्त एम. थेन्नारसन ने शहर को कंटेनर फ्री बनाने की मुहिम को सफल बताते हुए कहा कि शहर को साफ-सुथरा रखने के अभियान में लोगों को भी सहयोग करना होगा।
कई दिनों से विपक्ष की ओर से साफ-सफाई पर सवाल उठ रहे थे तो सत्तापक्ष ही नहीं, मनपा प्रशासन भी इसे राजनीतिक विरोध मानकर दरकिनार कर दे रहा था।

जैसे ही नवसारी सांसद सी.आर. पाटिल ने वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर कंटेनर हटाने के फैसले पर सवाल उठाए, शहर के राजनीतिक हलकों में मानो तूफान आ गया। इस पर सफाई देते हुए मनपा आयुक्त ने कंटेनर फ्री सिटी प्रोजेक्ट को सफल बताया। नवसारी सांसद के समर्थन में भाजपा का एक धड़ा उनके बयान को वायरल करने में लग गया और शहर की साफ-सफाई का मामला राजनीतिक पेंच में उलझ गया।

मंगलवार को हुई स्थाई समिति की बैठक में भी शहर में साफ-सफाई की बिगड़ती हालत का मामला उठा। पार्षद विजय चौमाल ने मनपा आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठाए तो आयुक्त ने पार्षद से उन जगहों की सूची मांग ली, जहां कचरा डंप किया जा रहा हो। दोनों के बची हुई बातचीत तीखी नोकझोंक तक पहुंची तो बैठक में मौजूद समिति के अन्य सदस्यों ने दखल देकर मामला सम्भाला।

बैठक में आयुक्त और स्थाई समिति प्रमुख अनिल गोपलाणी समेत अन्य सदस्यों ने भी माना कि शहर में रास्तों पर गंदगी का प्रमाण बढ़ा है, लेकिन कचरा हटाने के लिए मनपा प्रशासन की प्रतिबद्धता से सहमति जताई। आयुक्त ने साफ किया कि व्यवस्था में बदलाव के अनुकूल बनने में समय लगता है। कुछ दिनों में लोग इसे अभ्यस्त हो जाएंगे। शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे।

टीमें रखेंगी नजर

शहर को कंटेनर फ्री बनाने के साथ ही आयुक्त ने पिछली बैठक में अधिकारियों को तीन दस्ते गठित करने की हिदायत दी थी। यह दस्ते उन जगहों पर तैनात किए गए हैं, जहां से कंटेनर हटाने के बाद भी लोग कचरा फेंक रहे हैं। दस्ते के सदस्य कचरा लेकर वहां आने वाले लोगों को समझाने के साथ ही रास्ते पर पड़े कचरे को भी हटा रहे हैं।

कंटेनर हटाने के बाद मनपा ने कचरा गाडिय़ों के फेरे बढ़ा दिए हैं। यह गाडिय़ां लोगों के घर-घर जाकर कचरा ले रही हैं। शहर के मार्केट एरिया और कॉमर्शियल गतिविधियों के केंद्रों पर गाडिय़ां शाम के बाद जा रही हैं तथा रास्ते पर पड़ा कचरा उठा रही हैं। आयुक्त ने कहा कि इसके लिए मनपा प्रशासन ने ऑन कॉल कचरा हटाने की व्यवस्था भी की है।

लगा दी बैठने की बेंच

जिस जगह कंटेनर लगे थे, लोग बार-बार वहीं जाकर कचरा सडक़ पर फेंक रहे हैं। लोग इससेे बाज आएं, इसके लिए मनपा प्रशासन ने कई जगह कचरा पेटी हटाकर जगह को साफ-सुथरा कर दिया और वहां बैठने के लिए बेंच लगा दी। इसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। लोगों ने इन बेंचों पर बैठना शुरू कर दिया है। इससे लोगों ने वहां कचरा फेंकना बंद कर दिया। जिन इलाकों में यह व्यवस्था की गई, उनमें सगरामपुरा शामिल है।

डस्टबिन की हालत भी खस्ता

कंटेनर हटाकर मनपा प्रशासन ने रास्ते पर जगह-जगह डस्टबिन लगाए हैं। लोग इनके इस्तेमाल में भी लापरवाही बरत रहे हैं। कई जगह डस्टबिन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लोग डस्टबिन के नीचे कचरे का ढेर लगाने से परहेज नहीं बरत रहे है। यह हालत लोगों के रवैये पर भी सवाल उठा रही है। जानकारों के मुताबिक शहर को स्वच्छ शहर बनाने के लिए लोगों को अपनी फितरत भी बदलनी होगी।

मुकेश शर्मा Reporting
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