वीवर्स की मांगों को लेकर निकाली जाएगी मौन रेैली

समस्याओं को दिल्ली तक ले जाएगा फोगवा

By: Pradeep Mishra

Published: 14 May 2018, 09:06 PM IST


सूरत.

फैडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन (फोगवा) के नेतृत्व में सोमवार को हुई वीवर्स की मीटिंग में वीवर्स की समस्याओं को दिल्ली तक ले जाने का निर्णय किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जल्द ही मौन रैली निकालकर कलक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा।
वीवर्स का आरोप है कि जीएसटी लागू होने के बाद कपड़ा उद्यमियों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। यार्न उद्यमी मुनाफाखोरी कर रहे हैं और मनमाने दाम बढ़ा रहे हैं। वीवर्स की मांग है कि सरकार की ओर से गठित एंटी प्रोफिटिंग कमेटी यार्न उत्पादकों पर कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय वीवर्स को 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलती थी, जो अब घटकर 10 प्रतिशत हो गई है। इन हालात में वीवर्स दिन में 8-8 घंटे की दो शिफ्ट या दिनभर में 12 घंटे की एक शिफ्ट चलाने की सोच रहे हैं। इस मुद्दे पर निर्णय के लिए सोमवार को वराछा में उमियाधाम में हुई वीवर्स की मीटिंग में आगामी दिनों में मौन रैली निकालकर कलक्टर को वीवर्स की समस्याओं पर ज्ञापन देने का फैसला किया गया। इसके अलावा फोगवा का एक समूह दिल्ली जाकर संबंधित लोगों से गुहार लगाएगा।
कारखाने चालू रखने का फैसला वीवर्स पर छोड़ा
फोगवा के प्रमुख अशोक जीरावाला ने बताया कि मीटिंग में कारखाने चालू या बंद रखने पर चर्चा हुई। कीम, वेडरोड सहित कई क्षेत्रों में वीवर्स ने पहले से काम के आठ घंटे कर दिए हैं। कई वीवर्स सप्ताह में दो दिन अवकाश रख रहे हैं। ऐसे में फोगवा ने कारखाने बंद रखने या चालू रख्रने का फैसला वीवर्स पर छोड़ दिया है। यदि वीवर्स को लगता है कि उसके पास ऑर्डर हैं तो वह कारखाने चालू रखें, नहीं तो अपने हिसाब से निर्णय कर सकते हैं।

इन मुद्दों पर लगाएंगे गुहार
एक्युमलेटेड टैक्स रिफंड किया जाए।
यार्न उत्पादकों पर नियंत्रण रखा जाए।
महाराष्ट्र की कीमत पर सूरत में भी बिजली मिले।
एफडीवाय यार्न से एंटी डम्पिंग ड्यूटी हटाई जाए।
टफ स्कीम की सब्सिडी 10 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत की जाए।
50 हजार रुपए से कम के माल पर इ-वे बिल से मुक्ति।
व्यापारी के पलायन के मामले में कॉमर्शियल कोर्ट बनाई जाए।
महाराष्ट्र और तमिलनाडु की तर्ज पर सूरत के वीवर्स को भी राहत पैकेज दिया जाए।

Pradeep Mishra Reporting
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