समुद्र के किनारे की योग साधना

समुद्र के किनारे की योग साधना

Sunil Mishra | Publish: Jun, 21 2018 10:27:30 PM (IST) Surat, Gujarat, India

 

संघ प्रदेश दमण, दीव, दानह में मनाया विश्व योग दिवस


दमण. दमण-दीव प्रशासन की ओर से जम्पोर बीच पर विश्व योग दिवस मनाया गया। गुरुवार सुबह 7 बजे समुद्र किनारे हजारों लोगों ने योगाभ्यास किया। पिछले वर्षों तक योग दिवस डोम, टेन्ट अथवा सभागार में मनाया जाता था। इस बार समुद्र किनारे योग अभ्यास कर एक नई पहल शुरू की गई है। मोटी दमण जम्पोर बीच पर दमण-दीव एवं दानह के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने योग अभ्यास शिविर का शुभारंभ किया। उनके साथ डीआईजी ब्रजेश कुमार ङ्क्षसह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मोटी दमण में सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, अनुलोम, विलोम सहित अन्य यौगिक क्रियाएं की गई। जम्पोर बीच पर सीढिय़ों से लेकर समुद्री तट तक काफी भीड़ नजर आई। विद्यार्थियों सहित तमाम लोगों ने उत्साह के साथ योग किया।

अथाल रिवर फ्रंट पर योग करने उमड़े लोग
सिलवासा. स्वास्थ्य विभाग द्वारा अथाल रिवर फ्रंट पर आयोजित योग शिविर में शहर के सैकड़ों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास लिया। करीब एक घंटे चले शिविर में सरकारी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, डॉक्टर्स, व्यापारी, समाजसेवी एवं उद्योगपतियों ने भी हिस्सा लिया। योगासन में एक दर्जन से अधिक क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। प्रदेशभर में 30 हजार से अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया।

योग से होता है स्वास्थ्य लाभ
अथाल रिवर फ्रंट पर योग गुरुओं ने कपालभाती, अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, भ्रामरी, शीतली प्राणायाम का परिचय देते हुए उनसे होने वाले स्वास्थ्य लाभ बताए। शिविर में पेट के बल लेटना, मयूरासन व गर्दन को 90 डिग्री पर घुमाते हुए अभ्यास का नजारा देखने लायक था। योग गुरुओं ने ताड़ासन, वृक्षासन, पाद-हस्तासन, अद्र्वचक्रासन, त्रिकोणासन बैठकर भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन सहित तमाम योग अभ्यास कराए। बताया कि प्रतिदिन 10 मिनट तक अनुलोम-विलोम करने से शिरोवेदना ठीक होती है। नकारात्मक ऊर्जा का क्षय हो जाता है तथा आनंद, उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा के रास्ते खुल जाते हैं। रिवर फ्रंट पर योग करने बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची। शांति पाठ के बाद योग समापन किया गया। आमली ग्राउंड पर बाबा रामदेव के शिष्य स्वामी पुरुषार्थ देव ने पद्मासन, सिद्धासन, सुखासन, स्वास्तिकासन के अभ्यास कराए। यहां पहुंचे साधकों को बताया कि कठिन शारीरिक क्रियाओं से पसीना बहाकर सभी रोगों को दूर रखा जा सकता है। योग द्वारा असाध्य रोग भी समाप्त हो सकते हैं। करीब डेढ घंटे चले शिविर में पुरुषार्थ देव ने पीठ के बल लेटकर योग कराए।
गुरुवार को शिक्षण संस्थाओं, उद्योगों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, सामुदायिक केन्द्रों, धर्म स्थलों पर भी योगाभ्यास देखने को मिले।

 

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