शनि हुए वक्री, किया राशि परिवर्तन, इन राशि वालों के जीवन में आएगा भूचाल

शनि ने बुधवार सुबह राशि परिवर्तन कर धनु से अपनी शत्रु राशि वृश्चिक में प्रवेश किया।

By: सुनील शर्मा

Published: 21 Jun 2017, 02:01 PM IST

शनि ने बुधवार सुबह राशि परिवर्तन कर धनु से अपनी शत्रु राशि वृश्चिक में प्रवेश किया। ज्योतिषियों का मानना है कि यह परिवर्तन राजनीतिक और प्राकृतिक रूप से उथल-पुथल लाएगा।

पंडित बंशीधर ज्योतिष पंचाग के निर्माता पंडित दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि वक्री शनि बुधवार सुबह 4.36 बजे धनु राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। वहां 26 अक्टूबर तक यानी 4 माह 5 दिन रहेगा। इसके बाद पुन: धनु राशि में आ जाएगा। शनि ने 26 जनवरी को धनु राशि में प्रवेश किया था। वृश्चिक राशि को शनि की शत्रु राशि कहा जाता है। ऐसे में आगामी चार महीने उथल-पुथल भरे रहेंगे।

छह वर्ष पहले बना था यह संयोग
इससे पहले यह संयोग छह वर्ष पहले बना था। शनि ने 15 नवंबर 2011 को तुला राशि में प्रवेश किया था। फिर 7 फरवरी को वक्री हो 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश किया था। इसके बाद 4 अगस्त 2012 को फिर से तुला राशि में प्रवेश किया था।

साढ़े साती व ढैय्या की दशा
तुला, वृश्चिक, धनु राशि की साढ़े साती प्रारम्भ होगी। मेष और सिंह को ढैय्या लगेगा। इस कारण कार्यों में बाधा, पीड़ा झेलनी पड़ सकती है।

इन राशियों पर ये होगा प्रभाव
मेष, सिंह :
धनहानि, क्लेशकारक
वृष : मानसिक अशांति व गृहस्थ जीवन में उथल-पुथल
मिथुन : शत्रु पक्ष पर विजय, मेहनत का लाभ
कर्क : मानसिक पीड़ा, चलते व्यवसाय में संघर्ष
कन्या : स्वजन व मित्रों के सहयोग से अधूरे कार्य पूरे होंगे
तुला : आर्थिक हानि, चलते कार्यों में रुकावट
वृश्चिक : अशांति, स्वास्थ्य बाधा, व्यापार में न्यूनता
मेष : दौड़-धूप की अधिकता के साथ स्वास्थ्य कमजोरी
धनु : मानसिक उद्वेग, हानि
कुंभ : उच्चाधिकारियों से मनमुटाव व सामाजिक विरोध का सामना
मकर : व्यावसायिक प्रगति, धनलाभ से मनोबल बढ़ेगा
मीन : भाग्य अवरोधक स्थिति से बनते काम में बाधा
सुनील शर्मा
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