विंबलडन : इतिहास के सबसे लम्बे सेमीफाइनल में इस्नर को हराकर एंडरसन फाइनल में पहुचें

एंडरसन इसके साथ ही 97 वर्षों में विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाले दक्षिण अफ्रीका के पहले खिलाड़ी बन गए।

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Published: 14 Jul 2018, 03:47 PM IST

नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका के केविन एंडरसन ने ग्रैंड स्लैम इतिहास के सबसे लंबे सेमीफाइनल मुकाबले में अमेरिका के जॉन इस्नर को 7-6 (8-6), 6-7 (5-7), 6-7 (9-11), 6-4, 26-24 से हराकर पहली बार विंबलडन के फाइनल में प्रवेश कर लिया। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, शुक्रवार को खेले गए पुरुष एकल के पहले सेमीफाइनल में एंडरसन ने पांचवें सेट में इस्नर के 13वें प्रयास को विफल करते हुए छह घंटे 36 मिनट के मैराथन मुकाबले में जीत दर्ज की।

 

अबतक का सबसे लंबा सेमीफाइनल
तीसरा सेट ऐसा लगा जैसे कि यह मैच का टर्निग पॉइंट साबित होगा, लेकिन इस्नर ने शानदार वापसी करते हुए टाइब्रेकर में यह सेट अपने नाम किया। हालांकि एंडरसन ने सर्विस ब्रेक गंवाने के बावजूद चौथा सेट अपने नाम किया। एंडरसन ने पांचवें और अंतिम सेट में इस बार एक भी अंक नहीं गंवाया और पांववें सेट को जीतकर पहली बार विंबलडन के फाइनल में कदम रख दिया। विंबलडन में एकल वर्ग के इतिहास में यह अबतक का सबसे लंबा सेमीफाइनल मैच है। इतना लंबा मैच खेलने के बाद भी एंडरसन आखिरकार मैदान पर खड़े रहे। वहीं इस्नर इससे पहले भी विंबलडन में ही 2010 में फ्रांस के निकोलस माउत के खिलाफ 11 घंटे पांच मिनट का मैच खेल चुके हैं।

 

रोमांचक रहा मुकाबला,अब फाइनल में
दोनों खिलाड़ी योद्धाओं की तरह एक दूसरे को हराने के लिए जूझते रहे और आखिरी सेट तो दो घंटे 55 मिनट तक चला। पॉवर गेम और जबरदस्त सर्विस के इस मुकाबले में एंडरसन ने 49वें गेम में जाकर इस्नर की सर्विस तोड़ी और 50वें गेम में अपनी सर्विस बरकरार रख ऐतिहासिक मुकाबला जीत लिया। एंडरसन इसके साथ ही 97 वर्षों में विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाले दक्षिण अफ्रीका के पहले खिलाड़ी बन गए। छह फुट आठ इंच लंबे एंडरसन पहले सेट को टाइब्रेकर में ले गए, जहां उन्होंने एक सेट अंक बचाया। दूसरा सेट भी टाइब्रेकर में गया, जहां इस बार अमेरिकी खिलाड़ी ने बाजी मारी।

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