पिछले वर्ष की तुलना में 52 फीसदी मलेरिया पीडि़तों में आई कमी,166 गांवों को किया गया था चिन्हित

जिले में मच्छरदानियां वितरण होने के बाद मलेरियां के पीडि़तों में कमी आई है। इस सत्र में ९६ हजार लोगों की जांच पर २५६ ही मलेरियां के मरीज दर्ज हुए है।

By: akhilesh lodhi

Published: 05 Sep 2019, 08:00 AM IST

टीकमगढ़.जिले में मच्छरदानियां वितरण होने के बाद मलेरियां के पीडि़तों में कमी आई है। इस सत्र में ९६ हजार लोगों की जांच पर २५६ ही मलेरियां के मरीज दर्ज हुए है। डेगूं के जहांपिछले वर्ष २ मरीज मिले थेवही इस वर्ष फिलहाल कोईभी मरीज नहीं मिला है।जिले में पृथ्वीपुर, बड़ागांव धसान, बल्देवगढ़ के साथ पलेरा और जतारा में मलेरिया की शिकायतें आई थी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले वर्ष मलेरिया से पीडि़त ग्रामों का सर्वे किया गया था। इसके बाद शासन स्तर पर मलेरिया बीमारी को खत्म करने के लिए मच्छरदानियां मंगवाई गई। इसके बाद भी चिन्हित १६६ गांवों में टीमें बनाकर ४ लाख ७४ हजार लोगों को २ लाख ७० हजार मच्छरदानियों का वितरण किया गया। जिसके असर से नए दोनों सत्रों मेंकेवल २५६ मलेरिया से पीडि़त मरीज सामने आए है।
मलेरिया रोग को लेकर ९६ हजार लोगों की हुई जांच
निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले के छह ब्लॉकों में दिसम्बर से अगस्त तक ९६ हजार ४५९ लोगों की जांच स्वास्थ्य विभाग के साथ आशा कार्यकर्ताओं और आयुवेर्दिक डॉक्टरों द्वारा की गई। जिसमें मलेरिया केमहज २५६ मरीज सामने आए है। इन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने दवाएं दी है।
पंाच में दो प्रकार के मच्छर है जिले में
मलेरिया प्रभारी डॉ. अल्पेश बारिया ने बताया कि पांच प्रकार के मलेरिया पाए जाते है। लेकिन टीकमगढ़में दो प्रकार के मलेरिया के मरीज पाए गए है,एक पीवी और पीएफ। पीएफ अधिक जहरीला होता है। जो कम पाया जाता है। पीवी की संख्या अधिक है। जिसे खत्म करने के लिए सरकार द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे है।
पिछले वर्षो की तुलना में ५२ फीसदी आगें
जिले में मलेरिया के मरीज वर्ष २०१६ में १३३० और डेगूं ५, वर्ष २०१७ में ७२७ और डेगूं २, वर्ष ५३५ और डेगूं २ और वर्ष २०१९ के दोनों सत्रों में मलेरिया के पीडि़तों की संख्या २५६ और डेगूं जीरो है। वहीं मलेरिया को खत्म करने के लिए १६६ गांव में ४ लाख ७४ लोगों को चिन्हित किया गया। जिसमें २ लाख ७० हजार मच्छरदानियां बांटी गई। जिसका असर दिखाई दिया है।


टीकमगढ, बल्देवगढ़़ और पृथ्वीपुर ब्लॉक में पाए गए सबसे अधिक मलेरिया के मरीज
जिले के टीकमगढ़ में ९३ और पृथ्वीपुर में ९७ मलेरिया के मरीज पाए गए। बल्देवगढ़ में ६५, पलेरा में ४७ जतारा में ४३ और निवाड़ी में ११ मलेरिया के पीडि़त पाए गए है। जहां पर विभाग द्वारा लगातार दवाओं का छिड़काव और लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सावधानियां
७ दिनों से जमे पानी पानी को खाली करें। अंधेरें में रखे वर्तनों को खुले में उल्टा रखे। इसके साथ ही पानी की टंकी और नालियों में एक ढकन जला हुआ ऑयल डाले। सोते समय मच्छरदानियों का उपयोग करें। सर्दी कपंन के साथ बुखार उल्टियां और सिरदर्द, पसीना आकर बुखार उतरना के साथ थकावट कमजोर होने पर तुरंत जांच कराए। हैंडपंपों के पास पानी एकत्रित न होने दे।
फैक्ट फाइल
निवाड़ी और टीकमगढ़ में कुल ब्लॉक - ०६
निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में कुल गांव - १००५
निवाड़ी और टीकमगढ़ में कुल ग्राम पंचायतें - ४५९
निवाड़ी और टीकमगढ़ में कुल मलेरिया के मरीज - २५६
निवाड़ी और टीकमगढ़ में कुल मलेरिया की जांच - ९६४५९
निवाड़ी और टीकमगढ़ में मलेरिया से पीडि़त कुल गांव - १६६
निवाड़ी और टीकमगढ़ में बांटी गई कुल मच्छरदानी के चिन्हित लोग - ४७४०००
निवाड़ी और टीकमगढ़ में बांटी गई कुल मच्छरदानी - २७००००
मलेरिया के अब तक आंकड़े
वर्ष मलेरिया से पीडि़त डेगूं
२०१६ - १३३० ५
२०१७ - ७२७ २
२०१८ - ५३५ २
२०१९ - २५६ ०
इनका कहना
मलेरिया से पीडि़त ग्रामीण क्षेत्रों से मलेरिया की बीमारी खत्म करने के साथ दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही उन परिवारों को चिन्हित करके गांव की आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जांच की जा रही है। पिछले वर्ष की तुलना में ५२ फीसदी मलेरिया की बीमारी को खत्म कर दिया है।
डॉ. अल्पेश बारिया मलेरिया अधिकारी टीकमगढ़।

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