Breaking News 21 डॉक्टरों ने दिए सामूहिक इस्तीफे, बेपटरी हुई जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं, ये हुआ मरीजों का हाल

anil rawat

Publish: Jul, 14 2018 01:00:21 PM (IST)

Tikamgarh, Madhya Pradesh, India
Breaking News 21 डॉक्टरों ने दिए सामूहिक इस्तीफे, बेपटरी हुई जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं, ये हुआ मरीजों का हाल

डॉक्टरों ने सिविल सर्जन को हटाने के बाद ही काम पर लौटने की बात कहीं

टीकमगढ़. जिला अस्पताल में पदस्थ 21 डॉक्टरों के सामुहिक इस्तीफें के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई। डॉक्टरों ने यह इस्तीफें शुक्रवार को कलेक्टर द्वारा की गई कार्रवाई के बाद सिविल सर्जन पर प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए दिए है। डॉक्टरों के इस्तीके के बाद मरीज इलाज के लिए परेशान होते रहे। डॉक्टरों ने सिविल सर्जन को हटाने के बाद ही काम पर लौटने की बात कहीं है। वहीं इन इस्तीफों के बाद प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए है।
शुक्रवार कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने दोपहर 3 बजे के लगभग डॉ अमित शुक्ला मेडीसन और डॉ विकास जैन पैथोलॉजिस्ट के निवास पर छापामारी की थी। यह लोग अपने निवास पर प्रायवेट प्रेक्टिस कर रहे थे। प्रशासन का आरोप था कि यह डॉक्टर ड्यूटी टाईम में प्रेक्टिस कर रहे थे। छापामारी के बाद प्रशासन ने इनके आवासों को सील कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल में पदस्थ सभी डॉक्टर लामबंद हो गए और सभी ने अपने सामुहिक इस्तीफे सीएमएचओ डॉ वर्षा राय को दे दिए है। हालांकि डॉ राय इस्तीफे न मिलने की बात कह रही है।

 

बेपटरी हुई स्वास्थ्य सेवाएं: एक साथ 21 डॉक्टरों के इस्तीफे के बाद जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई। यहां पर मरीज डॉक्टरों को तलाशते रहे। सभी डॉक्टरों के इस्तीफे के बाद केवल सिविल सर्जन मरीजों को देखते रहे। डॉक्टरों के न होने से अधिकांश मरीज तो प्रायवेट नर्सिंग होम या अस्पतालों के लिए चले गए। लेकिन दूर-दराज से आए मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हें खुद को दिखाने के लिए घंटो सिविल सर्जन के पास लगी लाईन में इंतजार करना पड़ा। इससे मरीजों को खासी परेशानियां हुई। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी देखने कोई नही पहुंचा। इससे नर्सिंग स्टॉफ ने उनका पुराना ट्रीटमेंट ही चालू रखा। ऐसे में आईसीयू में भर्ती मरीजों के परिजन खासे परेशान होते दिखाई दिए।
सिविल सर्जन कर रहे प्रताडि़त: इस मामले में डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एके नायक का कहना था कि सिविल सर्जन की प्रताडऩा का सिलसिला पूर्व से ही चल रहा है। इस संबंध में 2 माह पूर्व प्रमुख सचिव, कलेक्टर एवं सीएमएचओ से शिकायत की गई थी। प्रमुख सचिव ने जांच कराने का आश्वासन दिया था और सीएमएचओ ने 15 दिन का समय मांगा था। उनका कहना था कि हाल ही डॉ अमित शुक्ला का प्रमोशन हुआ है और वह फस्ट क्लास मेडीकल ऑफिसर बन गए है। ऐसे में उनकी इमरजेंसी में ड्यूटी नही लगाई जा सकती है। लेकिन सिविल सर्जन शासन के निर्देश को भी नही मान रहे है। वहीं डॉ विकास जैन अपनी ड्यूटी कर घर पर गए थे। उनकी भी इंमरजेंसी ड्यूटी नही थी। सिविल सर्जन ने प्रशासन को गुमराह कर यह कार्रवाई कराई है। जब तक सिविल सर्जन को पद से नही हटाया जाता है, डॉक्टर काम पर नही जाएंगे।

नही मिले इस्तीफें: वहीं इस मामले में सीएमएचओ डॉ वर्षा राय का कहना है कि उन्हें किसी के इस्तीफे नही मिले है। उनका कहना है कि कल की कार्रवाई प्रशासन की थी। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
सभी बिना सूचना दिए अनुपस्थित: इस मामले में सिविल सर्जन डॉ आरएस दण्डोतिया का कहना है कि सभी डॉक्टर्स बिना किसी सूचना के अनुपस्थित है। उनके द्वारा किसी भी डॉक्टर को परेशान नही किया जाता है। कोई भी काम करना नही चाहता है। इसलिए यह कर रहे है। उन्होंने कलेक्टर की कार्रवाई को प्रशासन की कार्रवाई बताते हुए खुद को इस मामले से बिलकुल दूर बताया है।

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