सरकारी सर्वे रिपोर्ट में 1 लाख 82 हजार से अधिक शौचालय निर्माण

सरकारी सर्वे रिपोर्ट में 1  लाख 82 हजार से अधिक शौचालय निर्माण
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Akhilesh Lodhi | Updated: 06 Oct 2019, 08:00:00 AM (IST) Tikamgarh, Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

सरकारी आंकड़े कागजों और पोर्टल पर भले ही ९८ फीसदी शौचालय पूर्ण और उपयोगी बता रहे हो।

टीकमगढ़.सरकारी आंकड़े कागजों और पोर्टल पर भले ही ९८ फीसदी शौचालय पूर्ण और उपयोगी बता रहे हो। लेकिन जमीनी स्तर पर देखा जाए तो वहां की स्थिति उलट दिखेगी। पोर्टल पर २ फीसदी अनुपयोगी दर्ज है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ४५ फीसदी से अधिक अनुपयोगी बता रहे है। जिसके लिए विभाग द्वारा ५९२ स्वच्छता टीमों को तैनात किया गया है। जो शौचालय का उपयेग और टूटे शौचालयों की मरम्मत करवाने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित करेंगे।
टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ४५९ ग्राम पंचायतें है। इन ग्रामों में वर्ष २०१२ में शौचालय निर्माण के लिए सर्वे किया गया था। जिसके तहत समग्र स्वच्छता अभियान और निर्मल स्वच्छ अभियान को चलाया गया था। २ अक्टूबर २०१४ में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले पात्र हितग्राहियों का शौचालय निर्माण कराने के लिए विशेष अभियान वर्ष २०१८ तक चलाया गया था। इस अभियान में पूरा जिला ओडीएफ घोषित किया गया। लेकिन यह नाम के लिए ही ओडीएफ है। हजारों शौचालय टूट पड़े तो वहीं अपूर्ण की स्थिति में है।
जिला से लेकर ब्लॉक तक के कर्मचारी लापरवाह
जिले में स्वच्छत भारत मिशन योजना अफसरों के अनदेखी की भेंट चढ़ गई है। जिला पंचायत के अफसरों की शिथिलता इस कदर रही कि जिले में स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में बनाए गए ज्यादातर शौचालय जर्जर हो गए है। विशेष अभियान के दौरान २ अरब १९ करोड़ रुपए से अधिक खर्च के बाबजूद ग्राम पंचायतों में शौचालय उपयोग लायक नहीं है। शुरू में ठेके पर निर्माण कराए गए। जिसमें उनके दरवाजे और फर्स के साथ दीवाले टूट गई है। इसके साथ ही कई शौचालयो कोअधूरा छोड़ दिया गया है। अधिकतर ग्राम पंचायतों के शौचालय में लकड़ी और भूसा रखने के काम आ रहे है।
पोर्टल द्वारा दी गई राशि
शहर को छोड़ निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले ग्राम पंचायतों में १ लाख ८२ हजार ७२५ शौचालय १२ हजार रुपए की राशि से निर्माण किए गए। २ अक्टूबर २०१४ से २०१८ तक के विशेष अभियान के तहत लक्ष्य पूरा किया गया। जिसमें कई शौचालयों को ठेके पर निर्माण कराया गया। इसके साथ ही गडबड़ी की शिकायत मिलने पर अफसरों ने शासन की गाइड लाइन पर हितग्राहियों के खाते में पैसे भेजकर निर्माण चालू कराया गया। कुछ हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि के साथ स्वयं का पैसा लगाकर शौचालय का निर्माण बेहतर करा लिया गया।


दो पारियों में चिन्हित किए छूटे शौचालय
नगर परिषद सहित ग्राम पंचायतों को सरकार द्वारा ओडीएफ किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में छूटे शौचालयों का सर्वे करने के लिए जिला स्तर पर टीमों का गठन किया गया। पहली पारी में २२१५ हितग्राहियों को चिन्हित किया गया। दूसरी पारी में ३८७१ को चिन्हित किया गया है। जिनके निर्माण की तैयारी की जा रही है।
फैक्ट फाइल
ब्लॉक कुल घरों के शौचालय सत्यापित शौचालय सत्यापित के लिए शेष
टीकमगढ़ ३७००४ ३५३६० १६४४
बल्देवगढ़ ३१४५६ ३१४५६ ००
पलेरा २८७४९ २८११७ ६३२
जतारा ३७३५४ ३१६१५ ५७३९
पृथ्वीपुर २४२८८ २४२१२ ७६
निवाड़ी २३८७४ २३३७४ ५००
इनका कहना
जिले को ओडीएफ कर दिया गया है। अब शौचालय का उपयोग और निर्माण कराने के लिए टीमों का गठन किया गया है। जो भी शौचालय टूट चुके है। उनकी मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही शौचालयों का उपयोग करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया जाएगा।
मनीष जैन जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन टीकमगढ़।

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