हरपुरा नहर परियोजना से भरे 8 तालाब, कुम्हेड़ी तालाब में पहुंचा पानी

हरपुरा नहर परियोजना से भरे 8 तालाब, कुम्हेड़ी तालाब में पहुंचा पानी

Akhilesh Lodhi | Publish: Sep, 08 2018 03:05:48 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

तालाब जोड़ो अभियान के तहत हरपुरा नहर परियोजना द्वारा 6 साल में पहली बार 10 में से 08 तालाब पानी से भर चुके है। 9 तालाब में 50 प्रतिशत से अधिक पानी पहुंच गया है

टीकमगढ़.तालाब जोड़ो अभियान के तहत हरपुरा नहर परियोजना द्वारा 6 साल में पहली बार 10 में से 08 तालाब पानी से भर चुके है। 9 तालाब में 50 प्रतिशत से अधिक पानी पहुंच गया है। तालाब भरने के चलते क्षेत्र की जनता के चहरे पर खुशी की लहर दौड़ रही है। इसके साथ ही दरगांय खुर्द और दरगांय कलां के दोनों तालाब पोषक नहर से भरे गए है।
जामनी नदी से तालाब जोड़ों अभियान के तहत हरपुरा नगर परियोजना का शुभारम्भ वर्ष 2012 में किया गया था। जिसकी लम्बाई 48.5 किमी और लागत 37 करोड़ 95 लाख रुपए रखी गई थी। नहर निर्माण में 15 सौ किसानों की जमीनों को अधिग्रहण किया गया। जिसमें 4 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा किसानों को बांटा गया है। लेकिन 5 वर्ष तक इस नहर से कोई भी तालाब नहीं भरा गया। इसके साथ ही पानी से भरे हुए तालाब नहर द्वारा खाली होते गए। जिसको लेकर क्षेत्र में जलसंकट छाने लगा था। क्षेत्र के लोगों द्वारा तालाब भरने के लिए कलेक्टर ,मुख्यमंत्री और महामहिम राष्ट्रपति सहित राज्यपाल के नाम शिकायतें की गई। इस वर्ष लगातार बारिश होने और जामनी नदी के पानी को रोककर 10 तालाबों को भरने की योजना बनाई गई। जहां तालाबों को भरा गया है।
यह भरे तालाब
जहां-जहां गर्मियों के दिनों सबसे ज्यादा सूखे का सामना करना पड़ता था। विभाग ने सबसे पहले उन्ही तालाबों को भरने का प्लान बनाया है। जिसमें बाबाखेरा, जगतनगर एक,जगतनगर दो, मोहनगढ़ फीडर, मोहनगढ़ तालाब, बृषभानपुरा, लक्ष्मीबाई का तालाब पूरा भर गया है। इसके साथ ही कुम्हैडी का तालाब 50 प्रतिशत भर गया है।
किसानों के चहरे पर आई खुशी
दरगांय खुर्द, दरगांयकलां के किसानों ने बताया कि करीब 5 सालों से नहर के कारण खेतों में पर जाने में परेशानी और तालाबों में पानी नहीं होने के कारण रबी की खेती नहीं हो पाती थी। जिसके कारण किसानों को आर्थिक और मवेशियों के लिए भूसा के साथ अन्य सुविधाओं की परेशानी होती थी। अब डेढ़ हफ्ता की बारिश से आधे से अधिक तालाब भर गए है। जिसके चलते किसानों के चहरे पर खुशी की लहर दौड़ उठी है।

कई जगहों से टूट चुकी है नहर
मप्र और उप्र की जामनी नदी से हरपुरा परियोजना की नहर को 48 किमी लम्बी निर्माण की गई। इस तालाब से 10 तालाबों के भराव के साथ 2 हजार हेक्टेयर किसानों की जमीन की सिंचाई की जानी है। लेकिन यह नहर एक ही बार पानी में कई जगहों पर टूट चुकी थी। हालांकि संबंधित विभाग द्वारा इस नहर की मरम्मत की गई। लेकिन वहां से पानी का रिसाव बहुत मात्रा में हो रहा है। जिसके कारण नहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता है। बौरी और खेरा के पास आज भी नहर का पानी नाले में जा रहा है।
फैक्ट फायल
तालाब जोड़ो अभियान हरपुरा नहर परियोजना की कुल लम्बाई - 48.5 किमी
हरपुरा नहर निर्माण की कुल लागत - 37 करोड़ 95 लाख रुपए
नहर से भरे जाएगें कुल तालाब - 10
नहर में अधिग्रहण की गई जमीनों के कुल किसान - 1500
इनका कहना
डेढ़ हफ्ते की बारिश से तालाब जोड़ों अभियान के तहत हरपुरा नहर परियोजना से करीब 8 तालाबों को भरा गया है। कुम्हैडी को भरा जा रहा है। जल्दी ही सभी तालाबों को भरा जाएगा।
रजनीश तिवारी एसडीओ तालाब जोड़ो अभियान हरपुरा नहर टीकमगढ़।

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