अंकसूची में नंबर, जन्मतिथि सहित टोटल में गड़बड़ी, मामला खुला पर एफ आईआर से परहेज

शिक्षा विभाग जिला स्तरीय अधिकारी आयुक्त के आदेश की अवेहलना करते हुए एक शिक्षक पर कार्रवाई करने से परहेज कर रहा है।

By: akhilesh lodhi

Published: 24 Aug 2020, 05:00 AM IST

टीकमगढ़/चंदेरा.शिक्षा विभाग जिला स्तरीय अधिकारी आयुक्त के आदेश की अवेहलना करते हुए एक शिक्षक पर कार्रवाई करने से परहेज कर रहा है। संकुल चंदेरा अंतर्गत आने वाले मैदवारा ग्राम में पदस्थ शिक्षक पुरनलाल अहिरवार ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जीवन भर नौकरी की जबकि उसने अंकसूची में नंबरों सहित जन्मतिथि में हेरफेर किया था। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। जांच में दोषी भी पाया गया। इस पर आयुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख कर तीन दिन के अंदर संबंधित शिक्षक पर थाने में मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस आदेश के कई महीने बीतने के बावजूद संबंधित शिक्षक पर आज तक एफआईआर दर्ज नहीं कराया गया।
क्या है मामला
मैदवारा हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षक पुरनलाल अहिरवार के विरुद्ध शासकीय सीनियर बेसिक हाई स्कूल के प्राचार्य को मूल अंकसूची में काटछांट कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की शिकायत फरवरी वर्ष 2011 में मिली। इस पर अंकसूची की छायाप्रति सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल को सत्यापन कराने के लिए भेजी, जहां से अप्रेल 2012 में प्रेषित सत्यापन में शिक्षक की अंकसूची में जन्मतिथि, विषयवार अंक व श्रेणी में छेड़छाड़ करते हुए कूटरचि होने की पुष्टि हुई। इसके बाद वर्ष 2016 को संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संचनालाय सागर द्वारा शिक्षक के विरुद्ध अंकसूची में सेवा से पूर्व कांट-छांट, कूटरचित तरीके से शासकीय सेवा में आना, शासकीय आदेश लेने से इंकार करना, शासकीय आदेशों में व्यवधान उत्पन्न करने के साथ ही अवहेलना करने के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद दोषी शिक्षक से प्रतिवाद मांगा गया किन्तु शिक्षक ने आरोपों को निराधार बताते हुए अस्वीकार कर दिया। तब संयुक्त संचालक ने विभागीय जांच दल गठित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एवं सीनियर बेसिक हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य को मामले की जांच करने के आदेश दिया, जहां 2019 में आरोपी शिक्षक पर दोष सिद्ध हो गया एवं सेवा से पृथक करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रतिवेदित किया गया। दोष साबित होने के बावजूद वह नौकरी करता रहा और मार्च २०२० में सेवानिवृत्त भी हो गया लेकिन विभागीय कार्रवाई अधरझूल में रही।

वहीं शिक्षा विभाग की आयुक्त जयश्री क्रियावत ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से दोषी शिक्षक पर मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए थे पर जिला शिक्षा अधिकारी ने चंदेरा प्राचार्य को पत्र लिखकर फ्रॉड का मामला दर्ज कराने के लिए कह दिया। वहीं आयुक्त महोदय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी पलेरा, प्राचार्य बम्होरीकलां, प्राचार्य शिक्षा महाविद्यालय छतरपुर, विकास खंड शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़, प्राचार्य हाई स्कूल कारी, प्राचार्य सीनियर बेसिक एवं प्राचार्य टीकमगढ़ क्रमांक 2 को रिटायर्ड शिक्षक पुरनलाल अहिरवार को दी गई। वेतन गणक पत्रक तैयार करने के लिए निर्देशित किया था जिसके अनुसार शिक्षक ने अपने कार्यकाल के दौरान 6683830 रुपए की राशि अनैतिक रूप से अपने कार्यकाल के दौरान ली है जिसे शासन द्वारा वापस कराया जाएगा। वहीं सेवानिवृत्त होने के बाद दी जाने वाली पेंशन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया था।
इनका कहना
थाने गया था पर अंकसूची सहित ओरिजनल कागजों का संकलन करने के लिए कहा गया है जिसके बाद ही आरोपी शिक्षक के विरुद्ध मामला थाने में दर्ज हो सकता है जिसकी सूचना जिला कार्यालय भेज दी है।
वीएन राजपूत, संकुल प्राचार्य, चंदेरा
मेरे द्वारा संकुल प्राचार्य चंदेरा को आदेशित किया गया था की संबन्धित शिक्षक पर मामला दर्ज करायेध् क्यो नहीं कराया इसकी जानकारी ले कर बताएंगे।
जयसिंह बडकड़े जिला शिक्षाधिकारी, टीकमगढ़

akhilesh lodhi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned