8 माह की बेटी को गोद में लिए अपना फर्ज निभा रही महिला आरक्षक

8 माह की बेटी को गोद में लिए ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक को देखकर हर कोई बस इतना ही कहता है कि ऐसा केवल मां ही कर सकती है।

By: anil rawat

Published: 21 Jul 2021, 11:28 AM IST

टीकमगढ़. 8 माह की बेटी को गोद में लिए ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक को देखकर हर कोई बस इतना ही कहता है कि ऐसा केवल मां ही कर सकती है। निवाड़ी महिला थाने में पदस्थ महिला आरक्षक शालिनी लखेरा इन दिनों मां के फर्ज के साथ ही अपनी ड्यूटी निभाकर लोगों को अपने दायित्व के प्रति सजग और समर्पित रहने की सीख देती दिखाई दे रही है।


निवाड़ी महिला थाने में पदस्थ आरक्षक शालिनी लखेरा की 8 माह की बेटी है। उनके पति अजय लक्ष्यकार जेल में प्रहरी है। 6 माह के मातृत्व अवकाश के बाद से शालिनी ने अपनी ड्यूटी ज्वाईन कर ली थी। अपनी 8 माह की बेटी के साथ वह सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव के कार्यक्रम में पूरी मुस्तैदी से तैनात दिखी। अपनी बेटी को संभालने के साथ ही उन्होंने फुल टाइम ड्यूटी भी की। जितना ध्यान वह अपनी ड्यूटी पर दे रही थी, तो उतना ही बेटी पर था। बेटी के रोने पर तत्काल ही उसकी खाना-पानी की व्यवस्था करने के साथ ही अपने काम पर जुट जाती थी। वह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयोजित दस्तक अभियान के शुभारंभ अवसर पर यहां सुरक्षा के लिए तैनात की गई थी।

दोनों चीजे जरूरी है
शालिनी बताती है कि बेटी अभी इतनी बड़ी नहीं है कि उसे घर पर किसी के पास छोड़ा जा सके। पति जेल मे प्रहरी है, ऐसे में उन्हें भी समय से जाना पड़ता है। ऐसे वह दोनों चीजे साथ निभाती है। उनका कहना है कि वैसे तो अभी बेटी को देखकर पुलिस स्टॉफ और अधिकारी भी पूरा सहयोग करते है और अधिकांश समय थाने के काम ही लेते है। लेकिन व्हीआइपी कार्यक्रम या अन्य बड़े आयोजनों के समय मैदान में भी ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में शालिनी को भले ही असहज न लगता हो, लेकिन बेटी कई बार सोने के लिए रोती है और मानो मां से कह रही हो कि उसे आराम से विस्तर पर लेट कर सुलाए। लेकिन ऐसे में शालिनी उसे अपने कंधे पर ही दुलारकर सुला देती है और मां के फर्ज के साथ ही अपने कर्तव्य का निर्वाहन करने लगती है।

anil rawat Reporting
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