जिला प्रशासन ने कराई अनोखी परीक्षा, प्रचार-प्रसार का दिखा अभाव

Gulshan Patel

Publish: Jan, 14 2018 02:27:52 (IST)

Tikamgarh, Madhya Pradesh, India
जिला प्रशासन ने कराई अनोखी परीक्षा, प्रचार-प्रसार का दिखा अभाव

जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को शासकीय कार्यालयों में डाटा इंट्री आपरेटरों की भविष्य में पडऩे वाली जरूरतों को पूरा करने के लिए एक टेस्ट रखा गया।

टीकमगढ़.जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को शासकीय कार्यालयों में डाटा इंट्री आपरेटरों की भविष्य में पडऩे वाली जरूरतों को पूरा करने के लिए एक टेस्ट रखा गया। दरअसल कार्यालय सहायक/डाटा इंट्री आपरेटर की नियुक्ति के लिए पूल तैयार करने को लेकर एनआईसी टेस्ट लिया गया, परंतु सवाल यह है कि जिन लोगों का टेस्ट लिया गया है उनके लिए प्रशासन के पास फिलहाल कोई जगह नहीं है, केवल भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह टेस्ट लिया गया।
दरअसल शनिवार को ई-दक्ष सेंटर में शासकीय कार्यालयों में कलेक्टर दर पर कार्यालय सहायक डाटा इंट्री आपरेटर/डाटा इंट्री आपरेटर की नियुक्ति के लिए पूल तैयार को लेकर एनआईसी टेस्ट का आयोजन किया गया। यह टेस्ट दो शिफ्टों में होना था और इसके लिए मऊ रोड स्थित आईटीआई का स्थान निश्चित किया गया, परंतु परीक्षा के कुछ घंटे पूर्व ही अचानक टेस्ट का स्थान बदलकर ई-दक्ष केन्द्र में कर दिया गया और इस संबंध में परीक्षार्थियों को मैसेज भी भेजे गए, परंतु यह मैसेज कई परीक्षार्थियों तक पहुंचे ही नहीं। जिन तक पहुंचे वह मैसेज देखकर आईटीआई से ई-दक्ष केन्द्र पहुंचे।
क्या है टेस्ट का मकसद: जिला प्रशासन की मानें तो आगामी समय में डाटा इंट्री के लिए पडऩे वाली जरूरतो के लिए एक पूल तैयार किया जा रहा है। उनकी जानकारी अपडेट रहेगी और आवश्यकता पडऩे पर एक निश्चित समय के लिए उन्हें काम पर कलेक्टर रेट पर रख लिया जाएगा।
सीपीसीटी देकर भी देना पड़ रही परीक्षा: पूर्व से ही बेरोजगार युवक-युवतियां सीपीसीटी स्कोर कार्ड अनिवार्य करने से परेशान हैं परंतु सीपीसीटी पास करने के बाद भी अब बेरेाजगारों को जिला प्रशासन के टेस्ट को अलग से पास करना होगा। यह फरमान सुनने में ही अटपटा लगता है उस पर यह हास्यापद स्थिति है कि जगह न होने के बाद भी अभी से पूल बनाए जा रहे हैं। परीक्षा देने पहुंचे युवकों के अनुसार सीपीसीटी की मैरिट के आधार पर ही पूल आसानी से तैयार किया जा सकता है। इस टेस्ट को लेकर प्रशासन बेरोजगारों को गुमराह कर रहा है।
न रोल नम्बर, न प्रवेश पत्र: ई-गवर्नेस द्वारा आयोजित कराए गए इस टेस्ट के लिए कोई रोल नम्बर या प्रवेश पत्र नहीं था। सिर्फ मैसेज ही इसकी सूचना थी। टेस्ट देने पहुंचे सूरज कुशवाहा ने बताया कि उनके पास तो मैसेज ही नहीं आया है सिर्फ किसी से सुनकर वह टेस्ट देने आए हैं। वहीं आवेश शांडिल्य, राहुल ङ्क्षसह तोमर खरगापुर, सोनू सक्सेना बल्देवगढ़, राहुल त्रिपाठी टीकमगढ़ ने बताया कि यह टेस्ट बिना रोल नम्बर एवं बिना प्रवेश के कराया गया है। कुछ समय पूर्व ही सेंटर बदलने से भी परीक्षार्थियों को

तकलीफ का सामना करना पड़ा।
कैसे होना चाहिए था टेस्ट: वैसे तो सीपीसीटी स्कोर कार्डधारियों की मैरिट के आधार पर ही इस पूल को तैयार किया जा सकता है। लेकिन अगर उसके बाद भी प्रशासन चाहता था तो उसे काफी समय पहले से इसका प्रचार-प्रसार करना चाहिए था। साथ ही इसका दायरा बढ़ाना चाहिए था। जिससे इसमें कई बेरोजगार और भी अधिक संख्या में शामिल हो सकते थे।फिलहाल इस टेस्ट का औचित्य टेस्ट देने वालों के लिए भी कुछ नहीं निकला है।
क्या कहते हैं अधिकारी: यह टेस्ट कुशल आपरेटरों के चयन के लिए आयोजित किया गया था। शासन को समय-समय पर डाटा इंट्री के लिए आपरेटरों की आवश्यकता होती है। उसी के लिए यह पूल तैयार किया जा रहा है।- अभिजीत अग्रवाल, कलेक्टर, टीकमगढ़

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