जीवनदायी मां का आंचल ही नही, यहां तो आत्मा तक घायल है

पवित्र जमडार नदी में कचरे का अंबार, जनप्रतिनिधियों एवं संगठनों ने किया कुण्डेश्वर में श्रमदान

By: anil rawat

Published: 16 May 2018, 11:27 AM IST

टीकमगढ़. पवित्र जमडार नदी का आंचल ही नही पूरी आत्मा घायल है। क्या कर रहे है हम। इस कचरे के बाद आखिर कैसे पवित्र होगी जमडार। मंगलवार को कुछ ऐसी हीं चिंता जाहिर की, पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान से जुड़े विभिन्न स्वयं संगठनों के युवाओं एवं महिलाओं ने। मंगलवार को जनप्रतिनिधियों के साथ ही अनेक स्वयं संगठनों ने इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान के तहत भगवान शिव की नगरी कुण्डेश्वर से निकली पवित्र जमडार नदी को फिर से पावन और निर्मल करने का अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो दिनों तक घाटों की सफाई के बाद मंगलवार को जब युवाओं ने नदी के अंदर प्रवेश किया तो सभी का मन विचलित हो गया। नदी पर बने घाटों की अंदर की सीढिय़ा कचरे से पटी पड़ी थी। नदी के अंदर उगी खरपतवार में उलझे प्लास्टिक के पाउच, डिस्पोजल सहित तमाम कचरे को जैसे ही फावड़ों एवं जाली के सहारे वापस लाया गया वैसे ही पूरा घाट दुर्गंध से भर गया। इस गंदगी को देख सभी परेशान हो उठे। लोगों का कहना था कि यह क्या हाल हो गया है, हमारी जीवनदायी जमडार नदी का।
कपड़े उतारे और कूंद पड़े: युवाओं ने जब नदी की सीढिय़ों पर कचरे और मलबे को देखा तो राष्ट्र चेतना मंच के कार्यकर्ताओं ने बिना देरी किए सीधे जमडार नदी में डुबकी लगा दी। अमित नुना और उनके कार्यकर्ताओं नदी के अंदर जाकर जाल और तसलों से कचरा निकालना शुरू कर दिया। इस कचरे में सबसे ज्यादा लोगों द्वारा नदी में फैंके गए खाद्य सामग्री के पाउस, डिस्पोजल ग्लास सहित अन्य प्लास्टिक की सामग्री भरी पड़ी थी। नदी के ऊपर के पहले घाट का पूरा कचरा निकाल कर बाहर कर दिया।
यह रहे शामिल: पत्रिका के इस अभियान में मंगलवार को लायनेस क्लब की शारदा नायक, शालनी घुवारा, अन्नम रक्षाम समिति की सूरजवती नायक, एकता जैन, प्रियंका नामदेव, अवनी जैन, मोहिनी श्रीवास्तव एवं राष्ट्र चेतना मंच के विनय सेन, सुभाष वैद्य, सुबोध, जैकी यादव, गौरव बिदुआ, दीपेश दुबे, अभिषेक विश्वकर्मा, लखन कुशवाहा, राकेश कुशवाहा, हरगोविंद कुशवाहा, करन कुशवाहा, नरेन्द्र केवट, आशीष कुशवाहा, देवी कुशवाहा, गोपी कुशवाहा, किशन कुशवाहा एवं दीपक विश्वकर्मा एवं भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गोपाल सिंह राय के साथ अनेक युवा शामिल रहे।

बनाई जाएगी पूरी योजना: नदी में सबसे ज्यादा गंदगी डिस्पोजल एवं प्लास्टिक की है। इसके लिए स्थाई समाधान के प्रयास किए जाएंगे। नदी के दोनों ओर पर्याप्त जल संग्रहण हो, इसके लिए दोनों ओर खुदाई कराकर पिचिंग कराई जाएगी। यह नगर के लिए जीवनदायी नदी है। इससे ही पूरे जिले की पेयजल व्यवस्था संचालित होती है। इसी जल से भगवान भोले का अभिषेक होता है। इसके लिए प्रशासन के साथ पूरी योजना बनाई जाएगी। पत्रिका की यह पहल सराहनीय है। - केके श्रीवास्तव, विधायक, टीकमगढ़।
जमडार का यह रूप चिंतनीय है: भगवान शिव का अभिषेक करने वाली पवित्र जमडार नदी का यह स्वरूप चिंतनीय है। आखिर क्या कर रहे है, हम लोग। लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यह जलश्रोत न केवल आस्था के केन्द्र बिंदु है, बल्कि हमारी संस्कृति के संवाहक और जीवनदायी है। पत्रिका की यह पहल सराहनीय है, कम से कम हम लोगों को इस स्थिति से अवगत कराया। इसके लिए गंभीरता से काम होना चाहिए।- अमित नुना, संरक्षक, राष्ट्र चेतना मंच, टीकमगढ़।
लोगों को समझनी होगी जिम्मेदारी: पवित्र जमडार नदी का यह रूप चिंता का विषय है। हम लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जो नदी हमें अमृत तुल्य जल देती है, हमने उसकी यह हालत कर दी है। आज हमारी जीवनदायी मां कचरे से पटी पड़ी है। मैं पत्रिका को धन्यवाद देती हूं कि, उसकी पहल पर मैने आज आकर जमडार के घाटों को देखा है। लोगों को भगवान शिव की तहर मां जमडार की पवित्रता का भी ध्यान रखना होगा।- पूनम जयसवाल, अध्यक्ष, अन्नम् रक्षाम समिति, टीकमगढ़।
यह जीवन से खिलवाड़ है: यह केवल नदियों एवं जलाशयों से नही बल्कि जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसमें कचरा फैंकने वाले लोग कुछ भी नही समझ रहे है। नदिया और वन प्रकृति की अनमोल धरोहरें है। यदि इन्हें अभी नही सहेजा गया तो आगे का जीवन मुश्किल हो जाएगा। पत्रिका लोगों को जागरूक करने के लिए यह अभियान चला रही है, इसके लिए पत्रिका का अभार। लोग अपनी जिम्मेदारी समझें।- पूनम अग्रवाल, अध्यक्ष वैश्य फेडरेशन, टीकमगढ़।

anil rawat Reporting
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