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टीकमगढ़

21 दिन बाद भी स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें, कार्यालयों के स्टोर रूम की बढा रही शोभा

बीआरसी कार्यालय में किताबों का स्टॉक

टीकमगढ़Jul 08, 2024 / 07:40 pm

akhilesh lodhi

बीआरसी कार्यालय में किताबों का स्टॉक

बीआरसी कार्यालय में किताबों का स्टॉक

किताबों के इंतजार में छात्र, प्रभावित हो रही पढ़ाई

टीकमगढ़.नवीन शिक्षण सत्र अप्रेल से शुरू हो गया था, लेकिन स्कूल १७ जून से खोले जाने थे, उस दिन रविवार होने के कारण १८ जून सोमवार से स्कूल खोले गए थे। छात्रों का तिलक बंधन करके किताबें वितरण करने का निर्देश था। उसके बाद एक जुलाई से स्कूलों का समय और पढ़ाई शुरू हो गई थी। खास बात यह है कि स्कूलों में किताबें पहुंची ही नहीं है। यह किताबें सरकारी कार्यालयों की शोभा बढ़ा रही है। जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सरकारी स्कूलों में अध्ययन करने वाले बच्चों को अभी तक निशुल्क दिए जाने वाला पाठ्यक्रम नहीं मिल पाया है। जबकि उनका पाठ्यक्रम नवीन शिक्षण सत्र में वितरण किया जाना था। ताकि छात्र समय पर अध्ययन कर सके। विभाग से जानकारी मिली की पूरे जिले में ७० फीसदी स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची है। वहीं जतारा क्षेत्र के ४०० स्कूल किताबों का इंतजार कर रहे है। उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी आगे नहीं आ रहे है। पढऩे वाले छात्रों ने तो पुरानी किताबे खरीदना शुरू कर दी है। जिससे पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। पत्रिका की टीम ने जतारा के बीआरसी केंद्र में जाकर देखा तो किताबों का स्टॉक किए हुए है, लेकिन स्कूलों में वितरण करने का प्लान नहीं बनाया जा रहा है।
बताया गया कि जिले में प्राथमिक स्कूल १२११, माध्यमिक स्कूल ४३४, हाईस्कूल ९३ और हायर सेकेंडरी विद्यालय की संख्या ५९ है। लेकिन ७० फीसदी स्कूलों के छात्र किताबों का इंतजार कर रहे है। जबकि शासन द्वारा बीते 1 अप्रेल से नवीन शिक्षा सत्र शुरू किया गया था। ताकि समय पर अध्ययन करने वाले छात्राओं का पाठ्यक्रम पूरा हो सके और सरकारी स्कूलों में जो शिक्षा का स्तर गिरा है, उसमें सुधार हो सके, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से यह कार्य नहीं हो पाया है।
बीआरसी केंद्र में किताबों का बना स्टॉक
पत्रिका की टीम ने जतारा के बीआरसी केंद्र में जाकर देखा तो वहां का कार्यालय किताबों से भरा पड़ा था। बताया गया कि जतारा क्षेत्र के लिए सिर्फ पांच ट्रक किताबें रखी गई है। क्षेत्र के स्कूल संचालक किताबें लेने के लिए जिम्मेदार अधिकारी का इंतजार कर रहे है।
इनका कहना
अधिकांश विद्यालयों में कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक की पुस्तक भेजी गई है। जिन विद्यालयों की किताबें शेष है, उन्हें जल्दी भिजवाने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
एमपी खरे, विकास खंड शिक्षा अधिकारी जतारा।
जिन विषयों का पाठ्यक्रम अगस्त तक होना था, वह किताबें पहले भेजी जा चुकी है, जिन किताबों का पाठ्यक्रम सितंबर से प्रारंभ होना है, उन पुस्तकों को भिजवाई जाने की व्यवस्था की जा रही है।
महिपाल सिंह, बीआरसी, जतारा।

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