स्कूल प्रबंधनों ने बनाए सैकड़ों सोशल गु्रप, ७० फीसदी हो गई पढ़ाई

कोरोना वायरस को लेकर जिले में मार्च से स्कूलों को बंद कर दिया था। बच्चों को घरों में रखने और पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए थे।

By: akhilesh lodhi

Published: 01 Aug 2020, 06:00 AM IST


टीकमगढ़.कोरोना वायरस को लेकर जिले में मार्च से स्कूलों को बंद कर दिया था। बच्चों को घरों में रखने और पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए थे। वहीं पढ़ाई जारी रखने के लिए सर्वे शिक्षा अभियान और शिक्षा विभाग द्वारा सोशल गु्रपों को बनाया गया था। उसके माध्यम से १ से १२वीं तक के छात्रों को जोड़ा गया था। उसी के माध्यम से विभाग ने ७० फीसदी पढ़ाई करा दी है। लेकिन छात्रों को १० फीसदी ही पढ़ाई समझ नहीं आई है। जहां छात्रों के साथ अभिभावकों में चिंता का विषय बना हुआ है।
विभाग का दावा है कि सोशल ग्रुपों के माध्यम से ७० फीसदी सभी विषयों की पढ़ाई हो चुकी है। इसके साथ ही प्रत्येक सप्ताह सभी विषयों के टेस्ट लिए जाते है। इसके साथ ही प्रतिदिन गु्रपों पर प्रत्येक विषयों की सामग्री डाली जाती है। उस सामग्री को बच्चों द्वारा पढ़ा जाता है। लेकिन उनकी समझ में नहीं आने से पढ़ाई में परेशानी होने लगी है। जबकि शिक्षकों द्वारा पांच-पांच छात्र-छात्राओं से पढ़ाई का अपडेट लिया जाता है। जहां छात्रों द्वारा दोनों प्रकार की जानकारी दी जाती है। लेकिन विभाग के जिम्मेदारों द्वारा इसमें सुधार नहीं किया जाता है।
जूम के माध्यम से समझ नहीं आ रही पढाई
स्यावनी निवासी राज सिंह राठौर कक्षा १०वीं, अतुल साहू कक्षा ११वीं ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों द्वारा जूम गु्रपों पर प्रतिदिन सामग्री तो डाली जाती है। लेकिन उन ग्रुपों में आने वाली सामग्री समझ में नहीं आती है। जिसके कारण पढ़ाई करने में छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल भी पढ़ाई के लिए नहीं खोले गए है। जिसके कारण जानकारी भी नहीं ले सकते है। जबकि शिक्षकों द्वारा फोन के माध्यम से अपडेट लिया जाता है। जहां जबरन फोन पर शिक्षकों को से हां बोला जाता है।


स्कूलों में होने लगे प्रवेश
कक्षा ९वीं से १२वीं तक स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई थी। सैकड़ों के प्रवेश हो भी चुके है। पुस्तकों का भी वितरण किया गया है। लेकिन बगैर स्कूल के पढाई में रूकावट पैदा हो रही है। छात्र-छात्रा रेस्मा राजपूत, खुशबू नामदेव, प्रीति यादव का कहना था कि बगैर शिक्षक के किताबों से पढ़ाई करना संभव नहीं है। इस कारण से किताबों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इनका कहना
प्रत्येक विषयों की ७० फीसदी पढ़ाई हो गई है। एक सप्ताह में टेस्ट भी लिए जाते है। ५१४ गु्रपों में प्रतिदिन पढ़ाई सामग्री को डाला जाता है। जिससे छात्रों को फोन करके समझाया जाता है।
अनूप शर्मा ऑनलाइन प्रभारी शिक्षा विभाग टीकमगढ़।

akhilesh lodhi Reporting
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