लडख़डाई स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, मरीजों को नहीं मिल रहा उपचार

लडख़डाई स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, मरीजों को नहीं मिल रहा उपचार

Akhilesh Lodhi | Publish: Sep, 04 2018 03:10:23 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

आज भी विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों में सुविधाओं के साथ संसाधनों का टोटा

टीकमगढ़/बल्देवगढ़.चिकित्सा सहित भरपूर विकास की झड़ी लगाने की घोषणा करने वाले जनप्रतिनिधि को विधानसभा की सत्ता मिलते ही बादे भूल गए। आज भी विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों में सुविधाओं के साथ संसाधनों का टोटा है। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, स्टाफ एवं उपकरणों का अभाव मरीज की जान पर भारी बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों की घोषणाएं महज घोषणा बनकर रह गई है। स्इससे सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार है। सरकार द्वारा अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं देने बातें यहां हवा हो रही है। क्षेत्र की करीब दो लाख से अधिक की आबादी के बीच 2 सामुदायिक ,3 प्राथमिक और 42 उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रो में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए 4 चिकित्सकों के पद स्वीकृत है। लेकिन केवल 4 चिकित्सक ही बढ़ आबादी वाले क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
गौरतलब है कि रोगियों की संख्या अस्पतालों में दिनों दिन बढ़ रही ह,ै हालत है कि प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार कराने जा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में पलंगों की भारी कमी है, यह स्थिति बल्देवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नहीं बल्कि खरगापुर सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की है। तो वहीं निशुल्क दवाइयां मरीजों को आज भी सम्पूर्ण मुहैया नहीं हो पा रही है। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों एवं शासन सुविधाओं को लेकर उदासीन है।
लाखों की मशीनों खा रही धूल
श्सासन ने लाखों रुपए खर्च कर स्वास्थ्य केन्द्र में वीवी स्टूमेंट, आटोग्लेब, स्टोमैथोलाइजर, इंट्रोवेटर, पल्समीटर, रैडीयावारमर सहित कई प्रकार की मशीनें तो मुहैया करा दी गई है। लेकिन इन्हे संचालन करने के लिए टैक्नीशयन नहीं है। जिससें स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदाय करोड़ो रुपयों की मशीनें कमरों में रखी धूल खा रही है।


फि र दोहराएगें चुनावी मुद्दा
चुनाव के समय हर जनप्रतिनिधि सरकार के आते है ही विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराने दावे भले ही करता। किन्तु चुनाव जीतने के बाद पीछे मुढ़कर भी देखना उचित नहीं समझते। पिछले विधानसभा चुनाव में स्वास्थ्य सेवाएं दुरूस्ती का मुद्दा शामिल किया गया था। चुनाव फिर आ गया। लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लोग परेशान बने हुए है।
खरगापुर स्वास्थ्य स्थिति बेहद खराब
क्षेत्र में खरगापुर स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं खराब बनी हुई है। जहां लम्बे समय से डॉक्टर सहित कर्मीयों का अभाव से लोगों को समुचित इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रैफर किया जाता है।
नहीं मिल पा रहा उचित उपचार
स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए शासन ने करोड़ों रुपए खर्च करके स्वास्थ्य केंद्र बनवा दिए हैं। स्टाफ की कमी के कारण शासन की यह मंशा सार्थक नहीं हो रही है। तहसील क्षेत्र के हटा गांव में यूं तो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। लेकिन इस स्वास्थ्य केंद्र में कोई भी स्टाप नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र का संचालन फ ार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहे हैं।
इनका कहना
स्वास्थ्य मंत्री का उदासीन रवैया है। तो वहीं सीएचएमओं हर समय कार्यक्रमों में व्यस्थ रहती हे। आखिर हम अपनी कहानी किसकों सुनाए,शासन को ही सुनाएगें। पत्रों के माध्यम से आगाह करते है। लेकिन सुनवाई नहीं होती है।
चंदारानी गौर विधायक खरगापुर।

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