ब्याज दिया नही, मूलधन से काट ली टैक्स की राशि

ब्याज दिया नही, मूलधन से काट ली टैक्स की राशि

Anil Kumar Rawat | Publish: Sep, 09 2018 01:07:30 PM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

बैंकों द्वारा ग्राहकों पर लगाए जा रहे चार्जों से लोग परेशान

टीकमगढ़. एक और बैंकों द्वारा ग्राहकों पर लगाए जा रहे कई चार्जों से लोग वैसे ही परेशान है, ऐसे में मध्या भारत ग्रामीण बैंक की लार शाखा के एक अजीब मामले ने हितग्राही को परेशान कर दिया है। परेशान उपभोक्ता ने इसकी शिकायत बैंक लोकपाल से की है। बैंक ने उपभोक्ता द्वारा खोली गई डीआरसी फिक्स एकांउट की राशि पर ब्याज देने की जगह टैक्स की राशि काट ली है।
लार खास निवासी अक्षय कुमार जैन ने बताया कि उनके पिता शिखर चंद जैन ने मध्य भारत ग्रामीण बैंक की लार शाखा में 22 सितम्बर 2014 को 50 हजार रूपए की डीआरसी फिक्स एकांउट खोला था। दो साल के लिए खोले गए डीआरसी की परिवक्वता अवधि 22 सितम्बर 2016 थी और उन्हें 60 हजार 34 रूपए मिलने थे। अक्षय ने बताया कि पैसे की आवश्यकता न होने पर जब उनके पिता ने इस डीआरसी को आगे बढ़ाया तो बैंक ने उनके मूलधन की राशि 50 हजार रूपए जो बढक़र 60034 हो गए थे, इसमें से 26 हजार 358 रूपए काट कर 33676 की डीआरसी बनाकर आगे बढ़ा दी। इस संंबंध में उनके पिता ने जब बैंक प्रबंधन से पूछा तो बताया गया कि इसमें से टैक्स की राशि काट ली गई है। लेकिन यह टैक्स कितना काटा गया है और क्यों काटा गया है, इसकी कोई जानकारी नही दी गई।

और भी काट ली राशि: इसके साथ ही बैंक ने उनके पिता की 35 हजार की एक अन्य डीआरसी एवं उनकी मां सुशीला जैन की 80 हजार रूपए की डीआरसी में से भी क्रमश: 19278 एवं 29087 रूपए की राशि काट ली है। अक्षय कुमार का कहना है कि इस मामले में बैंक के उच्चाधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी समस्या का निदान नही किया गया है। परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत बैंक लोकपाल भोपाल में की है। इस संबंध में बैंक प्रबंधक से बात नही हो सकी है।
यह कैसी कटौती: अक्षय कुमार जैन का कहना है कि जब उनके पिता के डीआरसी से पैसे काटे गए तो उन्होंने अन्य बैंकों में जाकर इसकी जानकारी। वहां पर बताया गया कि मूलधन से टैक्स की कटौती नही की जा सकती है। यह गलत है। इसके बाद उन्होंने हर स्तर पर राशि वापस करने के लिए प्रयास किया लेकिर कोई कुछ सुनने को तैयार ही नही है।

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