टूटे झूलों में चौटिल हो रहा बचपन, सिसकियां भरकर पार्क से वापस लौट रहे बच्चें

नगर के सिविल लाइन में पुलिस लाइन स्थित चिल्ड्रन पार्क अब बच्चों के लिए घातक साबित हो रहा है।

By: akhilesh lodhi

Published: 03 Apr 2021, 09:18 PM IST

टीकमगढ़.नगर के सिविल लाइन में पुलिस लाइन स्थित चिल्ड्रन पार्क अब बच्चों के लिए घातक साबित हो रहा है। यहां के सभी झूले और आराम कुर्सियां टूटे फू टे पड़े हैं। वहीं बच्चों की फि सल पट्टियां खुदरी होने की कारण बच्चें जख्मी हो रहे हैं। जहां से शहर के बच्चें बगैर पार्क का आनंद लिए वापस घर लौट रहे है। यह स्थिति पार्क निर्माण के एक वर्ष बाद से अब तक बनी हुई है।
शहर के बीचोंबीच स्थित इस चिल्ड्रन पार्क में डायनासोर का बच्चों और बड़ों के लिए बढा ही आकर्षण केंद्र है। जिसके साथ सेल्फ ी खिंचवाने के लिए बच्चें और महिलाओं का तांता लगा रहता है। मगर डायनासोर के साथ खेलने का सपना अब इस घास रहित पार्क में बच्चों के लिए घातक साबित हो रहा है। सिविल लाइन निवासी अनिल सतभैया ने बताया कि पुलिस लाइन के मोड़ परअव्यवस्थाओं से परिपूर्ण यह चिल्ड्रन पार्क नगर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। वह सभी विशिष्ट बातें चिल्ड्रन पार्क बनाती थी। वह लगभग समाप्त हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निवास के ठीक सामने स्थित यह बच्चों का एकमात्र पार्क जिम्मेदारों की उपेक्षा के चलते अव्यवस्थाओं का जमावड़ा नजर आता है।
घास बिहीन है बच्चों का पार्क, टूटे पड़े झूले
घास विहीन और घास के नाम पर खरपतवार से चिल्ड्रन पार्क बना हुआ है। बच्चों के लिए बनाए गए झूले साइड बिहीन फि सल पट्टियों सहित टूटी फ ूटी आराम कुर्सियों से अपनी बदहाली के आंसू बहा रही है। बच्चों के साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़े चाव से घूमने, स्वास्थ्य लाभ के लिए आते है। मगर पार्क की अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। उन्हें बैठने के लिए यहां पर जो आराम कुर्सियां लगाई गई थी। वह अब पत्थरों के ढेर में तब्दील हो गई है
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
नगर के राकेश अहिरवार, जुमेर खान, रहूप खान और रमेश यादव ने बताया कि चिल्ड्रन पार्क में बच्चों के लिए बहुत सारी सुविधाएं है। लेकिन देखरेख के आभाव में यहां की व्यवस्थाएं खस्ताहाल हो गई है। पार्क में ऊपर बैठने के लिए जो खूबसूरत मचान बनाया गया था। उसकी सीडिय़ां सहित साइड की रैलिंग असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दी गई है। जिससे कभी भी बच्चों के साथ हादसा हो सकता है और गिरकर बच्चें चोटिल भी हो रहे हैं।
यहा पर नहीं है सुविधाएं, कभी हो सकते है गंभीर हादसे
मऊचुंगी निवासी पीयूष खरे, रामसेवक यादव ने बताया कि यह पार्क बच्चों के पसंद का पार्क है। यहां पर डायनासोर से पार्क की खूबसूरती बनी हुई है। लेकिन जरूरी समुचित प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। यहां पर हाइमास्ट लाइट का इंतजाम है। जहां अंधेरे में रात के समय निकलने वाले जहरीले कीड़े मकोड़ों सांप बिच्छूओं से कभी भी बहुत ही गंभीर हादसा हो सकता है। पानी का ढाल उचित ना होने के कारण थोडी सी भी बारिश होने पर पार्क में पानी भर जाता है। जिसके कारण गंदगी दलदल और कीचड़ हो जाता है। जिससे वह बच्चों के इस्तेमाल करने लायक नहीं रहता है।


उपयोगी पार्क के हालात बददत्तर
चिल्ड्रन पार्क प्रशासन की दृष्टि में उपेक्षित पड़ा है। इस जन उपयोगी पार्क की दुर्दशा देखते ही मामला हास्यास्पद हो जाता है। क्योकि शहर की आम जनता के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस वालों के परिजनों के बच्चों का यहां पर निरंतर आना जाना बना रहता है। शहर के छोटे बड़े बच्चों के लिए उपलब्ध पार्क में हो रही इस लापरवाही को संज्ञान में नहीं लिया जा रहा है। जबकि पार्क की अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए कई बार नपा के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा चुकी है।
इनका कहना
नगर के सिविल लाइन स्थित पुलिस लाइन के चिल्ड्रन पार्क का निरीक्षण करने के लिए नगरपालिका को निर्देशित किया जाएगा। १० दिनों में पार्क की फैली अव्यवस्थाओं को सही किया जाएगा। जिससे बच्चों को असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़े।
सुभाष कुमार द्विवेदी कलेक्टर एवं नगरपालिका प्रशासक टीकमगढ़।

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