अनलॉक हुआ कोरोना: 12 दिन में बढ़े 87 मरीज

पहले 7 मरीज आने में लगे 44 दिन, अब हर दिन मिल रहे 7 मरीज

By: anil rawat

Updated: 14 Jul 2020, 11:06 AM IST

टीकमगढ़. अनलॉक 2 के साथ ही कोरोना भी अनलॉक होता दिखाई दे रहा है। अनलॉक का दूसरा चरण जिले के लिए भारी पड़ रहा है। पिछले 12 दिनों में जिले में कोरोना के 87 नए मामले सामने आए है। जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार किस प्रकार से बढ़ रही है, इसका अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि पहले 7 मरीज जहां 44 दिनों में सामने आए थे, वहीं अब हर दिन औसतन 7 से ज्यादा मरीज सामने आ रहे है।


अनलॉक के बाद खुले बाजार और लोगों की लापरवाही अब कोरोना के गंभीर संक्रमण के रुप में सामने आ रही है। 22 मार्च को हुए लॉकडाउन के बाद जहां जिले में पहला कोरोना मरीज 20 दिन बाद 12 अप्रैल को सामने आया था, वहीं 7वां मरीज ठीक 44 दिन बाद 27 मई को सामने आया था। लेकिन अनलॉक 2 के बाद तो अब हर दिन ही औसतन 7 मरीज सामने आते दिखाई दे रहे है। 1 जुलाई से शुरू हुए अनलॉक 2 के बाद से 12 जुलाई तक जिले में 87 नए मरीज सामने आ चुके है। इनमें सर्वाधिक मरीज जिला मुख्यालय पर मिले है।

 

इन दिनों में मिले सबसे ज्यादा मरीज
जुलाई माह में सबसे अधिक कोरोना संक्रमण के मामले में तीन दिनों सामने आए है। सबसे पहले 4 जुलाई को जिले में एक साथ 9 मरीज सामने आए थे। इसके बाद 8 एवं 12 जुलाई को एक साथ 17-17 मरीज सामने आए है। इसके साथ ही हर दिन 4 से 7 लोगों के सैंपल पॉजिटिव पाए जा रहे है।


बड़ी सैंपल की रफ्तार
अनलॉक के 12 दिनों में लगातार सामने आ रहे मरीजों के बाद अब सैंपलिंग की संख्या भी बड़ गई है। अब प्रतिदिन औसत 88 सैंपल लिए जा रहे है। पिछले 12 दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने रेकार्ड 1063 सैंपल लिए है। जबकि 22 मार्च से शुरू हुई लॉकडाउन के बाद 30 जून तक औसतन 13 सैंपल प्रतिदिन लिए जा रहे थे। इन 101 दिनों में जिले में 1388 लोगों के सैंपल लिए गए थे।


पत्रिका व्यू: खुद को नहीं संभाल पा रहे हम
लगातार बढ़ रही संक्रमित मरीजों की संख्या के बाद यही सामने आ रहा है कि हम खुद को नहीं संभाल पा रहे है। हमारे कोरोना संक्रमित होने का एक ही कारण है कि हमने मॉस्क पहनने और सोशल डिस्टेंस कायम रखने में लापरवाही की है। हमारी यह लापरवाही न केवल हमें, बल्कि हमारे परिवार एवं समाज को परेशान कर रही है। तीन माह के लॉकडाउन के बाद बेपटरी हुई अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जरूरी था कि बाजार खोला जाए। बाजार खुलने पर जरूरी था कि हम सावधान होकर बाजार जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और आज हालात बेकाबू होते जा रहे है। आज परिस्थितियां बदली है, लेकिन अब भी हमारे पास समय है। केवल दो गज की दूरी और पांच मिनिट के इंतजार(दुकानों से सामान लेने के लिए पहले ग्राहक के जाने पर ही आगे बढऩे की प्रतिक्षा) से हम अब भी इस संक्रमण को रोक सकते है। कोरोना लॉक रहे और हम अनलॉक रहे, इसके लिए सावधानी एवं सतर्कता से आवश्यक होने पर ही घरों से निकले।

anil rawat Reporting
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