सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, जानिए पोर्टल की जानकारी और हकीकत में क्या है अंतर

सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, जानिए पोर्टल की जानकारी और हकीकत में क्या है अंतर

vivek gupta | Publish: Apr, 17 2018 11:45:45 AM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

इस मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे

टीकमगढ़.. जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम बम्हौरीनकीबन में एक सीसी सड़क निर्माण सरकारी आंकड़ों में मजाक बन कर रह गया है और इसे मजाक बनाया है ग्राम के रोजगार सहायक और जांच करने वाले अधिकारियों ने पंचायतराज संचालनालय के पोर्टल पर दर्ज जानकारी और जमीनी हकीकत में जमीन आसमान का अंतर है। फिर भी मामले को लेकर लीपापोती की जा रही है।
दरअसल पूरे मामले पर प्रकाश डालें तो ग्राम पंचायत बम्हौरीनकीबन के ग्राम सिनौनी में बाबू सौंर के घरसे हीरा सौंर के मकान तक सीसी रोड निर्माण का कार्य स्वीकृत हुआ था परंतु इस निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार और सरपंच एवं सचिव की मिलीभगत से फर्जी तौर पर राशि निकाले जाने की शिकायत 28 मार्च को ग्राम सिनौनी निवासी आत्माराम घोष द्वारा कलेक्टर से की गई थी। इस मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान सहायक यंत्री एवं उपयंत्री द्वारा मौके पर जाकर जांच की गई परंतु उनके द्वारा गलत रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार 400 बोरी सीमेंट और 55 मीटर गिट्टी और 300 मीटर रेत होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि मौके पर सामान पाए जाने का ही दावा किया गया न कि काम प्रारंभ होने का। जबकि इस रिपोर्ट के अनुसार निर्माण एजेंसी द्वारा 2.44 लाख का भुगतान इसके एवज में निकाल लिया गया है।
पंचनामा पर नहीं है गांव के लोगों के दस्तखत: शिकायतकर्ता आत्माराम घोष का आरोप है कि जांच के दौरान ग्रामीणों से एक पंचनामा भी बनवाया गया था। जिसमें वहां सामान होने का विवरण दिया गया था। परंतु शिकायतकर्ता के अनुसार यह पंचनामा भी गलत ढंग से बनवाया गया है क्योंकि इस पंचनामे पर हस्ताक्षर करने वाले लोग इस ग्राम के ही नहीं हैं।

सचिव ने भी दी गलत जानकारी: इस जांच के दौरान सचिव से भी जबाव मांगा गया था। अपने जबाव में सचिव विजय सिंह यादव ने भी गलत जानकारी देते हुए बताया कि 21 मार्च को सीमेंट, रेत एवं गिट्टी खरीदने के लिए 2 लाख 44 हजार 725 रूपए की राशि आहरित की गई थी। जबकि उस समय यह सामान वहां था ही नहीं। साथ ही सचिव द्वारा मार्ग जर्जर होने के कारण ट्रक एवं गिट्टी से भरे डंफर जाने में होने वाली परेशानी का उल्लेख किया गया था जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। सचिव द्वारा वहां अस्थाई रास्ते का निर्माण कराने की बात कही है।
आंकड़ों में भी हेरफेर: सरपंच एवं सचिव द्वारा सरकारी आंकड़ों में जिस सीसी सड़क को 300 मीटर बनाने और इसमें आने वाली लागत को 8 लाख 90 हजार रूपए बताया जा रहा है। दरअसल पंचायत संचालनालय में इस कार्य की स्वीकृति केवल 200 मीटर एवं इसकी निर्माण लागत राशि 5 लाख 90 हजार बताईगई है। शिकायतकर्ता आत्माराम घोष के अनुसार ग्राम पंचायत के प्रभारी सचिव एवं रोजगार सहायक के भ्रष्टाचार की तमाम शिकायतों के बाद भी इस ओर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी: मामले की जानकारी कर फाइल दिखवाई जाएगी। लापरवाही पाए पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।-अभिजीत अग्रवाल, कलेक्टर, टीकमगढ़

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