वर्षो से लगा रहे तहसील के चक्कर, तारीख पर मिलता है आश्वासन

वर्षो से लगा रहे तहसील के चक्कर, तारीख पर मिलता है आश्वासन
Could not remove land in years and could not get possession of land

Akhilesh Lodhi | Updated: 14 Sep 2019, 08:00:00 AM (IST) Tikamgarh, Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में ११ तहसीलें है। जिनके राजस्व गांव १००५ से अधिक है। बढ़ते परिवारों को लेकर बंटवारा, सीमांकन, परिवर्तन, तरबीन के साथ कब्जों के हजारों मामले दर्ज है।

टीकमगढ़.निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में ११ तहसीलें है। जिनके राजस्व गांव १००५ से अधिक है। बढ़ते परिवारों को लेकर बंटवारा, सीमांकन, परिवर्तन, तरबीन के साथ कब्जों के हजारों मामले दर्ज है। इनमें ऐसे भी मामले है, जिन्हें पीडि़त जिला से लेकर कमिश्नर की कोर्ट से जीतते आए है। इसके बाद भी न तो उन्हें तहसील कब्जा दिलवा पाई है और न ही समय पर नामांतरण कर पाई। जिसको लेकर किसान आज भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है।
बड़ागांव धसान तहसील छोड़ सभी तहसीलों में हजारों की संख्या में मामले दर्ज है। यह मामले सालों से तहसीलों में घूम रहे है। तारीखें तो बढ़ रही है। लेकिन मामले निपटने का नाम नहीं ले रहे है। जिन्हेें लडऩे के लिए किसान फसल बेच रहा, तो कोई मजदूरी कर रहा है तो कोई जमीन बेचकर मामलों में न्याय पाने के लिए हाजिर हो रहा है। इसके बाद भी नामांतरण कराने, कब्जा हटाने, बांटवारा करने जैसे मामलों में सालों गुजर रही है।
यह है तहसीलों में मामलों की स्थिति
जिले की बड़ागांव धसान तहसील में १८०, पलेरा तहसील में १६००, लिधौरा तहसील में ३००२, पृथ्वीपुर तहसील में ७००, निवाड़ी तहसील में ८००, ओरछा तहसील में १९५३, बल्देवगढ़ तहसील में ३११९, खरगापुर तहसील में ७०५, टीकमगढ़ तहसील में २५५६, मोहनगढ़ तहसील में १७१२ और जतारा और में कुल हजारों मामले दर्ज है। यहां तक इन तहसीलों में दिन प्रतिदिन मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। बड़ागांव तहसील में कलेक्टर द्वारा निरीक्षण किया गया। जहां मामलों को देख तहसीलदार सहित स्टाफ की सराहना की थी।


केस-०१
बड़ागांव धसान तहसील क्षेत्र के मिथलाखेरा निवासी बल्लू रैकवार की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया था। मामले को तहसील में दर्ज किया था। इसके बाद कलेक्टर की कोर्ट में दर्ज किया गया था। मामला पीडि़त के पक्ष में आया। इसके साथ ही कमिश्नर कोर्ट से जीत मिली थी। उन्होंने ने कब्जा हटाने के आदेश कलेक्टर को दिए थे। कलेक्टर ने तहसील को आदेश दिए थे। वर्षो बीत गए, लेकिन कब्जा नहीं दिला पाए।
केस-०२
मोहनगढ़ तहसील क्षेत्र के दरगांय खुर्द निवासी प्रभू दयाल राजपूत ने बताया कि वर्ष २००८ में टीलाबांध के डूब क्षेत्र में ३ एकड़ से अधिक जमीन आई थी। जिसे प्रशासन द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया। लेकिन ९ साल बाद भी मुआवजा नहीं मिल पाया। मोहनगढ़ तहसील, एसडीएम कोर्ट, जतारा, कलेक्टर, कमिश्नर के साथ विधायक और मंत्रियों को पत्र दिए। लेकिन मुआवजा नहीं दिलवा पाए।
केस-०३
खरगापुर तहसील के कुडीला गांव निवासी तिजुआ आविासी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व सूखा राहत की राशि के लिए जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा किए गए थे। लेकिन मुआवजा नहीं दिया गया। वहीं कडीला निवासी मुन्नू बाई राय, पिपरा निवासी छोटे लाल पाल, भानपुरा निवासी कुसुम सेन खरगापुर निवासी रामजी तिवारी ने बताया कि कछुएं की चाल पर तहसील में कार्य किया जा रहा है। तहसील में न तो नामांतरण समय पर किए जा रहे है और न ही तरीबीन की जा रही है।
केस-०४
लिधौरा तहसील क्षेत्र के खुशीपुरा निवासी दयाली यादव, ईशोन निवासी हरचरण पुत्र नाथूराम नापित द्वारा नामांतरण कि लिए महीनों पूर्व फाइल तहसील में दर्ज की थी। लेकिन नामांतरण का आदेश नहीं निकला है। नामांतरण करवाने के लिए पीडि़त पटवारी से तहसील कार्यालय में चक्कर लगा रहे है। जिसमें तारीख ही दी जाती है।
केस-०५
निवाड़ी तहसील क्षेत्र के मॉडल स्कूल के पांच एकड़ जमीन दी गई थी। जिसमें नगर के लोगों ने अतिक्रमण करके मकान निर्माण कर लिए है। शिकायतों पर तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी किए गए। इसके साथ ही बायपास रोड़ तालाब की बंधान पर लोगों ने मकान निर्माण कर लिए है। जिस पर तहसीलदार द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए कई नोटिस जारी किए गए। लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा पाए।
केस-०६
पृथ्वीपुर तहसील क्षेत्र के लुहरगुवां निवासी नथू कुशवाहा, बृषभान यादव, ठाकुरदास, कुंवरलाल यादव और नत्थूआ कुशवाहा ने बताया कि तहसील में तीन साल पहले अतिक्रमण, बंटवारा और नामांतरण के लिए फाइल लगाई थी। तहसील में जाते है तो पेशी दी जाती है। फैसला नहीं होने के कारण परेशान होना पड़ रहा है।
इनका कहना
मामले पर ध्यान दिया जाएगा। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। लंबित प्रकरणों को निराकरण कि या जाएगा।
सौरभ कुमार सुमन कलेक्टर टीकमगढ़।

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