परिदों व जानवरों को भी है सहारे की जरूरत

कोरोना के कारण चारे का संकट कोरोना के कारण चारे का संकट

टीकमगढ़/जतारा. लॉकडाउन से न केवल आमजन प्रभावित है, बल्कि इसका असर पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है। इस लॉकडाउन के बाद जहां सार्वजनिक स्थलों से परिंदे गायब हो गए है, वहीं सडक़ों पर घूम रहे आवारा मवेशियों के सामने भी खाने की समस्या पैदा हो गईहै। हालांकि शहर में कुछ लोग इनका भी ध्यान रख रहे है और सडक़ों पर भूसा एवं चारा डाल रहे है।
आम दिनों पर बसस्टैंड के साथ ही मानस मंच एवं नजाई में बड़ी संख्या में पक्षी दिखाईदेते थे। जतारा और टीकमगढ़ बसस्टैंड पर तो कुछ लोगों का नियम था कि वह इन पक्षियों के लिए नमकीन एवं बिस्किट डाला करते थे। नए बसस्टैंड पर लगभग आधा दर्जन लोगों का यह रोज का काम था और यहां पर सैकड़ों की संख्या में पक्षी आते थे। यहीं हाल जतारा बसस्टैंड का था। लेकिन पिछले चार दिनों से चल रहे लॉकडाउन के बाद सबकुछ बंद है। ऐसे में यहां पर आने वाले परिंदे भी गायब हो गए है। बसस्टैंड के आसपास रहने वाले लोग भी इस बात को नोटिस कर रहे है। बसस्टैंड पर निवास करने वाले मनोज साहू, राजेन्द्र पाठक ने बताया कि यहां पर प्रतिदिन सुबह से ही सैकड़ों की पक्षियों की चहचहाट सुनाईदेती थी, लेकिन अब वह बंद है। इससे लोगों को अब सुबह भी रोज की तरह नहीं लग रही है।
परेशान है मवेशी: इस बंद से सडक़ों पर विचरण करने वाले मवेशी भी परेशान है। लॉकडाउन के बाद उनके खाने-पीने की व्यवस्था वाली सभी जगह बंद है। आम दिनों में इन मवेशियों को विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट एवं मुख्य रूप से सब्जी मंडी से बड़ी मात्रा में खाने की चीजे मिलती थी। लेकिन यह सब बंद होने से अब यह परेशान है। हालाकि इन मवेशियों की पीड़ा समझ कर कुछ लोग इनके लिए भूसा सहित अन्य चीजें सडक़ों पर डाल रहे है।

Sanket Shrivastava Desk/Reporting
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