परिसीमन के अंतिम प्रकाशन के बाद बदल दिए वार्ड

निर्वाचन कार्य में भी हेरफेर करने से नही चूक रहे अधिकारी-कर्मचारी

By: anil rawat

Published: 27 Nov 2019, 12:00 AM IST

टीकमगढ़. तमाम शासकीय योजनाओं में हेरफेर करने के आदी हो अधिकारियों एवं कर्मचारियों अब निर्वाचन जैसे महात्वपूर्ण में भी लापरवाही करने से गुरेज नहीं कर रहे है। ताजा मामला पंचायत चुनाव के लिए परिसीमन कर बनाए गए वार्डों में छेड़छाड़ का सामने आया है। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए है।


पंचायत चुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग के निर्देशन पर जिले में विभिन्न पंचायतों के परिसीमन के साथ ही वार्डों का परिसीमन किया गया था। तमाम दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद 6 सितम्बर को कलेक्टर द्वारा इसका अंतिम प्रकाशन किया गया था। अंतिम प्रकाशन के बाद इसी आधार पर चुनाव होने थे, लेकिन इस अंतिम प्रकाशन को दरकिनार कर कुछ स्थानों पर नीचे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसमें बदलाव कर दिया है।


बदल दिए सारे वार्ड: जतारा तहसील की ग्राम पंचायत कमलनगर का परिसीमन किया गया था। इस पंचायत मे कमलनगर, चतुरकारी एवं पनयाराखेरा गांव थे। कलेक्टर ने इसका परिसीमन कर कमलनगर को जहां अलग पंचायत बना दिया था वहीं पनयाराखेरा एवं चतुरकारी को मिलाकर पनयाराखेरा नई पंचायत बनाई गई थी। इस पंचायत में कलेक्टर ने कुछ 17 वार्ड बनाए थे। इसमें 8 वार्ड पनयाराखेरा गांव के तो 9 वार्ड चतुरकारी के बनाए गए थे। 6 सितम्बर को इन वार्डों के अंतिम प्रकाशन के बाद इन्हें बदल दिया गया है। नई सूची में पनयाराखेरा के 14, हण्डासागर के 2 एवं चतुरकारी का एक वार्ड बनाया गया है।

 

मतदाताओं में भी असमानता: नए सिरे से बनाए गए इन वार्डों में मतदाताओं की संख्या को भी ठीक तरीके से समायोजित नहीं किया गया है। इस सूची में पनयाराखेरा के वार्ड क्रमांक 11 में मात्र 16 मतदाता है, वहीं हण्डासागर के वार्ड क्रमांक 15 एवं 16 में क्रमश: 128 एवं 203 मतदाता कर दिए गए है। इस सूची में वार्ड क्रमांक 11 में जहां मात्र दो मकान के 16 मतदाता दिखाएं गए है, वहीं वार्ड क्रमांक 4 पनयाराखेरा में 121 मकानों को शामिल किया गया है और मतदाताओं की संख्या 35 बताई गई है। ऐसे ही यहां पर अन्य अनियमितताएं की गई है।


18 किलोमीटर दूर बना दिए वार्ड: इस मामले में ग्रामीणों की माने तो नए वार्डो में सबकुछ गलत किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पनयाराखेरा और चतुरकारी के बीच 18 किलोमीटर की दूरी है। वहीं चतुरकारी की जनसंख्या ज्यादा होने के बाद भी यहां पर मात्र एक वार्ड बनाया गया है। गांव के शेष लोगों को पनयाराखेरा में शामिल कर दिया गया है। गांव के हरजू आदिवासी, राजेश, अशोक कुमार, भैयालाल सहित अनेक लोगों का आरोप था कि तहसील से उन लोगों को नए वार्डों की कोई जानकारी ही नहीं दी जा रही थी। वहीं अधिकारी भी इस गंभीर मामले की अनेदखी कर रहे है।


कहते है अधिकारी: यह गंभीर अनियमितता है। इस पूरे मामले की जांच के आदेश एसडीएम को दिए गए है। इसमें जिसने भी लापरवाही की गई होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बदलाव को सही कराने के निर्देश दिए गए है।- सौरभ कुमार सुमन, कलेक्टर, टीकमगढ़।

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