हादसे में घायल के लिए एक घंटे का समय गोल्डन पीरियड होता है, एेसे करें मदद

आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण युवाओं को समाज सेवा के क्षेत्र में बनाएगा अग्रणी

By: vivek gupta

Published: 20 Jul 2018, 12:07 PM IST

टीकमगढ़ ..जिला होमगार्ड कमान्डेन्ट कार्यालय के तत्वाधान में स्थानीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में दो दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आतिथ्य सागर संभाग की डिवीजनल कमान्डेन्ट संगीता डी. कुमार तथा विशिष्ट आतिथ्य जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक लक्ष्मी शुक्ला ने किया।
जिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में आयोजित आपदा प्रबंधन कार्यशाला के दौरान संगीता डी. कुमार ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत सबसे अधिक युवा देश है। उन्होंने कहा कि आज यहां आए बचाव दल का प्रशिक्षण लेने वाले युवा जब हजारों की भीड़ में आपदा के समय बचाव करने वाले बनेंगे तो समझो आप लोगों को जीवनदान देने वाले बन गए हैं।

उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि जो प्रशिक्षण आपने यहां से लिया है। वही भविष्य में आपको समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। जिला होमगार्ड कमांडेंट अरूण कुमार शर्मा ने कहा कि आप सब ने यहां दो दिन जो प्रशिक्षण लिया है,

 

वह आपदा के समय काम आएगा। जब आप आपदा के समय एक प्रशिक्षित तरीके से लोगों को आपदाओं या दुर्घटनाओं में मदद करेंगे तो समाज में आपकी एक नई पहचान बनेगी। फिर भी बचाव करते समय आपको एक बात ध्यान रखनी है कि दुर्घटना में गंभीर घायल हुए लोगों की मदद के लिए घटना के समय से एक घंटे तक का समय गोल्डन पीरियड होता है, उस समय यदि आप उनकी मदद करते हैं तो गंभीर से गंभीर घायल के प्राण बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि सराहनीय कार्य होने पर आपको सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया जाएगा।

इसके पूर्व बीएड कॉलेज की छात्रा आकांक्षा शर्मा द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इस दौरान कम्पनी कमांडर वीपी नामदेव तथा प्लाटून कमांडर पीएस चंदेल के निर्देशन में होमगार्ड जवानों ने युवाओं को आपदा के समय बचाव कार्य का प्रायोगिक प्रदर्शन कर दिखाया।

साथ ही प्रशिक्षण में शामिल छात्र-छात्राओं, नेहरू युवा केन्द्र एवं प्रस्फुटन दल के सदस्यों को संभागीय सेनानी द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यशाला के द्वितीय दिवस बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव सामग्री बनाना, बाढ़ से निकाले गए लोगों की जान बचाने के तरीके, रेल दुर्घटनाओं में बचाए लोगों का प्राथमिक उपचार आदि करने के तरीके बताए गए।

इस अवसर पर आईटीआई अधीक्षक विजय प्रताप सिंह, वीपी सिंह, लता गौड़, रमेश प्रसाद नायक, सुरेश कुमार पुष्पकार सहित प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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