धीमा चल रहा सर्वर, मूंग और उड़द के भावांतर योजना में नहीं हो पंजीयन

धीमा चल रहा सर्वर, मूंग और उड़द के भावांतर योजना में नहीं हो पंजीयन

Akhilesh Lodhi | Publish: Sep, 06 2018 11:37:46 AM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

.जिले में किसानों की समस्याओं को कम करने के लिए सरकार ने भावांतर भुगतान योजना का शुभारंभ किया था।

टीकमगढ़.जिले में किसानों की समस्याओं को कम करने के लिए सरकार ने भावांतर भुगतान योजना का शुभारंभ किया था। जिसमें 10 अगस्त से 21 तक पंजीयन किए जाने थे। सर्वर धीमा चलने के कारण अब शासन ने 20 सितम्बर तक तारीख को बढ़ा दिया है। लेकिन अभी भी सर्वर धीमा चलने के कारण पंजीयन नहीं हो पा रहे है। मामले को लेकर किसानों ने कलेक्टर से शिकायत की है। लेकिन मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसान मिडाबली राममिलन राजपूत, रामस्वरूप यादव नादिया निवासी भज्जू यादव,भगत सिंह यादव, खुमान अहिरवार, प्रभू यादव, सरूआ आदिबासी और चिमन अहिरवार ने बताया कि पंजीयन सेंटर पर भावांतर योजना में शामिल होने के लिए पंजीयन कराने के लिए जाते है। लेकिन एक दिन में 8 या 10 लोगों के पंजीयन ही हो पाते है। ऑपरेटरों से पंजीयन करने के लिए कहा जाता है तो उनका कहना होता है कि सर्वर धीमा चल रहा है। जिसके कारण नेट की फाइलें फेल हो जाती है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा पंजीयन करने के लिए सही व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। किसानों ने दूसरे और सेंटर खुलवाने और जल्दी भावांतर योजना में पंजीयन कराने के कलेक्टर से शिकायत की है।
यह है खास
पंजीयन के दौरान किसानों को दो बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। इसमें एक सरकारी तो दूसरा राष्ट्रीयकृत बैंक का खाता होगा। 20 सितम्बर तक किसानों की भूमि का पंजीयन किया जाएगा। जिले में 80 केंद्र बनाए गए है। खरीफ फसल में एक बासर पंजीयन के बाद किसान का 12 फसलों के लिए पंजीयन होगउा। इसमें धान, मक्का, ज्वार, बाजरा , अरहर, सोयाबीन, उडद, कपास, मूंग, मूंगफली,तिल और रामतिल की फसलों को शामिल किया गया है।


ऑपरेटर की जानकारी भी हुई दर्ज
जिले में खरीफ की फसल पंजीयन के लिए 80 केंद्र बनाए गए है। जिसमें ऑपरेटरों द्वारा किसानों की उपज का पंजीयन किया जा रहा है। इसके साथ ही वह पंजीयन पोर्टल पर दर्ज करने के आदेश शासन संबंधित विभाग को दिए है। इसके बाद भी किसानों को योजना का लाभ देने में लापरवाही की जा रही है।
इन जगहों पर किसानों को हो रही परेशानी
भावांतर योजना में पंजीयन कराने के लिए बडागांव खुर्द सहकारी, मवई सहकारी समिति, मजना ,बल्देवगढ़, डारगुवा, तालमऊ, बुडेरा, अचर्रा सहित कई सहकारी समितियों पर किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
नहीं की जारही पंजीयन केंद्र पर निगरानी
जिले के पंजीयन केंद्रोंं पर समिति संचालक, ऑपरेटर और एक विभाग का कर्मचारी रहने और उनकी निगरानी में किसानों के पंजीयन किए जाएगें। इसके साथ ही आदेश में कहा कि अगर उनके द्वारा किसी भी तरह की किसानों के पंजीयन और खसरा में लापरवाही की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। लेकिन पंजीयन केंद्र में न तो जिम्मेदारों द्वारा निगरानी की जा रही और न ही लापरवाहों पर कार्रवाई।
इनका कहना
जिले में सर्वर धीमा चलने के कारण पंजीयन में रूकावट पैदा हो रही है। इसके साथ ही अगर ऑपरेटर और समिति प्रबंधक द्वारा किसानों के कार्यो में लापरवाही की जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
राजेश तिवारी प्रभारी खाद अधिकारी टीकमगढ़।

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned