फर्जी आंकड़े दर्शाकर बच्चों के नाम पर समूह संचालक निकाल रहे राशन

प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह वितरण के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति ही की जा रही है

By: anil rawat

Published: 16 May 2018, 10:56 AM IST

अखिलेश लेाधी.टीकमगढ़.प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह वितरण के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति ही की जा रही है। वहीं समूह संचालक और मध्यान्ह भोजन वितरण प्रभारी द्वारा बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर राशन निकालने की कार्रवाई कागजों में कर रहे है। कई स्कूलों में मध्यान्ह भोजन वितरण नहीं किया जा रहा है। जिससे स्कूलों में आने वाले छात्र बगैर भोजन खाए ही वापस लौट गए।
मंगलवार को पत्रिका ने मुख्यालय सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन वितरण व्यवस्था को देखा तो आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में ताला लटका हुआ था। स्थानीय लोगों ने बताया कि महीनों से स्कूल में बच्चों को भोजन नहीं दिया गया है। समूह संचालकों द्वारा सिर्फ कागजों में ही बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर हर माह की निश्चित तारीख को राशन लेने के लिए कागज जमा किए जाते है। जिम्मेदार भी ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं करते।
ये की गई थी व्यवस्था
गर्मियों के समय स्कूल का खुलने का समय सुबह 10 से 12 बजे तक का रखा गया है। स्कूल के एक शिक्षक को मध्यान्ह भोजन वितरण का प्रभारी बनाया गया है। उस प्रभारी के अनुसार सभी बच्चों को भोजन वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों की उपस्थित दर्ज कर रखी जाएगी। लेकिन प्रभारी की लापरवाही के चलते समूह संचालकों द्वारा मध्यान्ह वितरण नहीं किया जा रहा है।
जिम्मेदार भी जांच के पहले समूह संचालक को देते है सूचना
गर्मियों में स्कूलों की छूट्टी हो गई है। सूखा से ग्रसित जिला और गरीब तबके के बच्चों को मध्यान्ह भोजन वितरण किया जा रहा है। लेकिन समूह संचालकों की मनमानी और विभाग के जिम्मेदारों द्वारा चिन्हित स्कूलों का निरीक्षण कर वापस लौट आते है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के जिम्मेदार जिस स्कूल में मध्यान्ह भोजन का निरीक्षण करने जाते है ,पहले उस स्कूल के प्रबंधन को सूचना दे देते है। जिसके चलते प्रवबंधन गांव के छात्रों को एकत्रित कर भोजन का निरीक्षण करवा देते है।
पुलिस लाईन और मॉडल स्कूल की फोटो
केस-01
नगर की प्राथमिक शाला पुलिस लाईन के स्कूल में ताला लगा हुआ था। वहीं मोटे के मोहल्ला के शासकीय मॉडल बेसिक स्कूल क्रमांक 01 और क्रमांक 02 में समूह संचालक द्वारा किसी भी बच्चें को भोजन नहीं दिया जा रहा है। लेकिन हर माह बच्चों के नाम पर राशन लिया जा रहा है। स्कूल के बाहर बच्चें मध्यान्ह भोजन का इंतजार कर रहे थे।
प्राथमिक शाला वार्ड-5 स्कूल की फोटो

केस-02
बौरी दरवाजा शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल वार्ड 5 में प्रधानाध्यापक सुखलाल कुम्हार द्वारा शाला प्रबंधन के माध्यम से मध्यान्ह भोजन वितरण किया गया। जहां 150 बच्चों में 20 बच्चें ही मध्यान्ह भोजन में पूडी,आलू की सब्जी और खीर खा रहे थे। लेकिन मध्यान्ह भोजन प्रभारी मौके से गायब थे।
समर्रा और मदनपुर स्कूल की फोटो
केस-03
विकासखण्ड क्षेत्र समर्रा गांव के प्राथमिक शाला और मदनपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में करीब एक मई से बच्चों को मध्यान्ह भोजन नहीं दिया गया। इसके साथ ही मदनपुर प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन वितरण प्रभारी आशाराम कुशवाहा द्वारा भोजन वितरण को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए। जिसके कारण बच्चों को मध्यान्ह भोजन के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
कछयाना हनुमानसागर स्कूल की फोटो
केस-04
मुख्यालय के नजदीक शासकीय उन्नत प्राथमिक शाला कछयाना हनुमानसागर के स्कूल में छात्र भोजन का इंतजार करके वापस लौट गए। कछयाना के प्राथमिक शाला में महीनों से मध्यान्ह भोजन वितरण नहीं कि या है। प्रधानाध्यापक भी मध्यान्ह भोजन वितरण करने के लिए नहीं आते है। स्कूल में पढऩे वाले छात्रों का हक पर स्कूल के जिम्मेदार और मध्यान्ह भोजन संचालक खुले आम ढांका डाल रहे है।
फैक्ट फायल
जिले में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल-2301
जिले के कुल छात्रों की संख्या- 2 लाख 10 हजार बच्चें
जिले के स्कूलों में कुल मध्यान्ह भोजन- 1508
इनका कहना-
यह गंभीर मामला है,शासन ने गर्मियों में बच्चों को मध्यान्ह वितरण करने के आदेश दिए थे। अगर आदेश के अनुसार समूह संचालक द्वारा भोजन नहीं दिया जा रहा है। तहसीलदार द्वारा जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एस के अहिरवार एडीएम और प्रभारी जिला पंचायत सीईओ टीकमगढ़।
जिन स्कूलों में मध्यान्ह भोजन वितरण नहीं किया जा रहा है। उन स्कूलों को चिन्हित कर संबंधित मध्यान्ह प्रभारी और समूह संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
मनोज व्यास प्रभारी बीआरसीसी टीकमगढ़।

anil rawat Reporting
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