शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कुपोषण सेे मुक्ति पाने का रहेगा लक्ष्य

जिले की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।

टीकमगढ़.जिले की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विभिन्न विभागों की योजनाएं, शिक्षा व्यवस्था पर जोर देने, कुपोषण से मुक्ति पाने के साथ मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने बात कही। कार्यशाला की अध्यक्षता कलेक्टर हर्षिका सिंह द्वारा की गई।
गुरूवार को हुई मीडिया कार्यशाला में शिक्षा के रिजल्ट का प्रतिशत बढ़ाने और कुपोषण को मुक्त करने के साथ दिव्यांग महिलाओं को रोजगार देने की बात कही। इसके साथ ही अशासकीय स्कूलों की नीतियों पर प्रतिबंध और निजी अस्पतालों के बारे में चर्चा की गई। यातायात के साथ सरकारी अस्पताल की रूपरेखा के बारे में चर्चा की गई। इसके साथ ही पुराना कन्या शाला भवन को सुरक्षित करने के साथ बडौरा वेयर हाउस की बिजली व्यवस्था और ई-गर्वनेस में बिलों के भुगतान की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही। नगरपालिका और ग्राम पंचायतों में संचालित किए जा रहे मध्यान्ह भोजन के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
जिले की व्यवस्थाओं को लेकर हुई चर्चा
कलेक्टर ने कहा कि हर जिले की अलग-अलग व्यवस्थाएं और समस्याएं होती है। उन्हें जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास करना है। दिव्यांग महिलाओं और युवाओं को आजीविका के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने प्रयास करना है। उनको प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।ओरछा से खजुराहो के मध्य एक पर्यटक कॉरीडोर के रूप में विकसित करने की जरूर है। जहां पर्यटकों के लिए क्षेत्र की संस्कृति और विशेषताओं को हाईलाईट करने की जरूर है।


लिंगानुपात और शिक्षा का स्तर कम
उनका कहना था कि जिले में लिंगानुपात एवं शिक्षा का स्तर बहुत ही कम है। मातृ एवं शिुष मृत्युदर, कुपोषण और एनीमिया चिंता का विषय है। इसकी नियमित समीक्षाकर कार्य योजना तैयार की गई है। शासकीय कर्मचारियों के साथ ही लोगों का सकारात्मक सहयोग जरूरी है। जिले में 30 प्रतिशत से कम रिजल्ट वाले स्कूलों का चयन किया गया है। जिले का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से अधिक हो। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए समीक्षा की गई है। मध्यान्ह भोजन में गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक बिहीन है कई स्कूल
जिले में कई स्कूल शिक्षक बिहीन पड़े हुए है। सबसे पहले उन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। शहर के लापरवाह शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को शहर में लाया जाएगा। बल्देवगढ़ में लाइव कक्षाएं आज से शुरू की गई है। जिले में जल्द ही शुरू की जाएगी। कई शिक्षक स्कूलों में समय पर बच्चों को पढ़ाने के लिए उपस्थित नहीं हो रहे है। यह चिंता का विषय है।

akhilesh lodhi
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