जानिए निवाड़ी जिला बनने पर सरकार को उठाना पड़ेगा कितना आर्थिक बोझ

जानिए निवाड़ी जिला बनने पर सरकार को उठाना पड़ेगा कितना आर्थिक बोझ

Anil Kumar Rawat | Publish: Sep, 06 2018 11:27:37 AM (IST) Tikamgarh, Madhya Pradesh, India

निवाड़ी जिले के गठन के बाद सरकार को प्रति वर्ष लगभग 3 अरब रूपए का अतिरिक्त बोझ उठाना होगा।

टीकमगढ़. निवाड़ी जिले के गठन के बाद सरकार को प्रति वर्ष लगभग 3 अरब रूपए का अतिरिक्त बोझ उठाना होगा। निवाड़ी जिला बनने के बाद यहां पर सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों कीतैनाती होने पर सरकार पर केवल स्थापना व्यय ही इतना बढ़ जाएगा। जबकि नया जिला बनने के बाद यहां पर राजस्व बड़ोत्तरी की कोई संभावनाएं नही है।
लगभग दो माह पूर्व प्रदेश सरकार द्वारा टीकमगढ़ जिले का विभाजन कर निवाड़ी जिले का सृजन करने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की है। 13 सितम्बर को दावे-आपत्ति लगाने की अंतिम तिथि है। दावे-आपत्ति लगने के बाद सरकार द्वारा इसके आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। विदित हो कि निवाड़ी जिले को लेकर शेष जिले में इसका विरोध भी किया जा रहा है।
बढ़ेगा आर्थिक बोझ: निवाड़ी जिला बनने के बाद सरकार के ऊपर लगभग 3 अरब रूपए का प्रतिवर्ष अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। विदित हो कि वर्तमान में टीकमगढ़ जिले में पदस्थ प्रशासनिक, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग सहित तमाम विभागों के कर्मचारियों को प्रतिमाह 35 से 40 करोड़ रूपए के लगभग वेतन सहित अन्य भत्तों का भुगतान किया जाता है। इस प्रकार सरकार द्वारा जिले के लिए साल भर में स्थापना के रूप में लगभग 4 अरब 56 करोड़ रूपए के लगभग व्यय किया जाता है। इसमें सरकार द्वारा अधिसूचित किए गए निवाड़ी जिले में मात्र 30 प्रतिशत के लगभग कर्मचारी और अधिकारी भीआते है। अब निवाड़ी जिला बनने पर यहां पर सरकार को हर विभाग की स्थापना करनी होगी।

निवाड़ी जिला बनने पर यहां के लिए भी वर्तमान टीकमगढ़ जिले के कुल स्थापना व्यय के लगभग 70 प्रतिशत का व्यय होने का अनुमान है। जिले की स्थापना व्यय का 70 प्रतिशत लगभग 2 अरब 88 करोड़ रूपए होता है। इस प्रकार निवाड़ी जिला बनने पर सरकार पर यह अतिरिक्त व्यय पड़ेगा।
यह है राजस्व की बसूली: जिले में स्थापना के रूप में जहां साढ़े चार अरब रूपए प्रति वर्ष व्यय किए जाते है वहीं जिले में प्रतिमाह लगभग 1 अरब 50 लाख रूपए के राजस्व की प्राप्ति होती है। अगस्त माह में जिले को 1 अरब 79 लाख रूपए की राजस्व प्राप्ति हुई है। इस प्रकार जिले में साल भर में लगभग 12 अरब 9 करोड़ रूपए के लगभग राजस्व प्राप्त होता है।
दोनो जिलों में बट जाएगा राजस्व: निवाड़ी जिले का सृजन होने के बाद जिले का यह राजस्व बट जाएगा। जबकि दोनों जिलों में राजस्व की बढ़ोत्ती की कोई उम्मीद नही दिखाई दे रही है। राजस्व संग्रहण करने वाले आबकारी, खनिज, पंजीयन एवं वाण्ज्यिकर विभाग की माने तो घोषित निवाड़ी जिले से, वर्तमान टीकमगढ़ जिले के कुल राजस्व का लगभग 40 प्रतिशत प्राप्त होता है। निवाड़ी जिला बनने के बाद यह राजस्व टीकमगढ़ से कम हो जाएगा।
कहते है अधिकारी: टीकमगढ़ जिले में प्रतिमाह लगभग 35 से 40 करोड़ रूपए प्रतिमाह वेतन एवं स्थापना व्यय के रूप में व्यय होता है। इसमें लगभग 30 प्रतिशत का व्यय निवाड़ी के लिए किया जाता है। पूरे जिले से प्रतिमाह लगभग 1 अरब 50 लाख रूपए के लगभग राजस्व की प्राप्ति होती है।- केडी अहिरवार, जिला कोषालय अधिकारी, टीकमगढ़।

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